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Humayun Kabir on West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. लेकिन अभी से ही राज्य की सियासत गरमा गई है. तृणमूल कांग्रेस के सस्पेंड विधायक हुमायूं कबीर ने मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद का शिलान्यास करके राज्य की राजनीति में सनसनी फैला दी है. हुमायूं कबीर की अपील के बाद बाबरी मस्जिद मुद्दे पर मुर्शिदाबाद में लाखों लोग इकट्ठा हुए. इससे विधायक बहुत खुश हैं, जिन्होंने अपनी नई पार्टी बनाने की घोषणा भी की है और ओवैसी की पार्टी के साथ गठबंधन करने का दावा किया है. साथ ही कहा है कि वह पश्चिम बंगाल का किंगमेकर बनेंगे.
हुमायूं कबीर ने 9 दिसंबर को कहा, "वह "बंगाल के ओवैसी" हैं. हुमायूं ने AIMIM चीफ और हदैराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के साथ अपने करीबी रिश्तों का दावा करते हुए मज़ाक में कहा, "मैंने उनसे बात की है. उन्होंने मुझसे कहा कि वह हैदराबाद के ओवैसी हैं और मैं बंगाल का ओवैसी हूं." टीएमसी विधायक हुमायूं कबीर ने आगे कहा, "मैं 2026 के विधानसभा चुनावों में किंगमेकर बनूंगा. मेरे समर्थन के बिना कोई भी पार्टी सरकार नहीं बना सकती." हुमायूं ने दावा किया कि 2026 में न तो TMC और न ही BJP अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा पार कर पाएगी.
किसी भी पार्टी को नहीं मिलेगा बहुमत
हुमायूं ने कहा, "न तो BJP और न ही TMC बहुमत का आंकड़ा पार कर पाएगी. मेरा अनुमान है कि 294 सीटों में से कोई भी पार्टी 148 से ज़्यादा सीटें नहीं जीत पाएगी. मैं 22 दिसंबर को अपनी पार्टी की घोषणा करूंगा. नई पार्टी मुर्शिदाबाद के बहरामपुर टेक्सटाइल्स मोड़ पर एक लाख लोगों की मौजूदगी में बनेगी." जब मीडिया ने उनसे पूछा कि क्या उनकी पार्टी का नाम नेशनल कंजर्वेटिव पार्टी होगा, तो हुमायूं ने सीधा जवाब देने से इनकार कर दिया. वह मुस्कुराए और कहा, "मैं आपको सब कुछ बाद में बताऊंगा. 22 दिसंबर के बाद आपको सब कुछ पता चल जाएगा."
क्या है पूरा मामला
दरअसल, 6 दिसंबर 2025 को को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में मस्जिद गिराए जाने की 33वीं बरसी थी. इसी दिन हुमायूं कबीर ने पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में बाबरी मस्जिद की तर्ज पर एक नई मस्जिद की नींव रखी. बाबरी मस्जिद जैसी मस्जिद के लिए दान में लगभग 3 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं. हुमायूं के मुताबिक, मस्जिद निर्माण स्थल पर 12 दान पेटी रखी गई थीं. 11 पेटियों से 57 लाख रुपये गिने गए हैं. एक पेटी की गिनती अभी बाकी है. QR कोड पेमेंट के ज़रिए 2.47 करोड़ रुपये मिले हैं.