I Love Mahadev vs I Love Muhammad: ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने I Love Mahadev और I Love Muhammad के विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह विवाद इस लिए खड़ा किया गया है, ताकि जनता को असल मुद्दों से भटकाया जा सके. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें.
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Swami Avimukteshwaranand on I Love Mahadev: I Love Muhammad के जवाब में कथित हिंदूवादी संगठनों और भाजपा के नेताओं द्वारा I Love Mahadev के पोस्टर लगाए गए. इन पोस्टरों को लेकर ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज ने नाराजगी जाहिर की है. उन्होंने कहा कि महादेव पूजा के लिए हैं, न कि प्रेम के लिए.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि I Love Muhammad और I Love Mahadev का विवाद इसलिए खड़ा किया गया है, ताकि जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाया जा सके. उन्होंने कहा कि महादेव प्रेम का विषय नहीं है, वह पूजा के लिए हैं. उन्होंने कहा कि I Love Mahadev कहना या पोस्टर लगाना, महादेव का अपमान है.
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने I Love Muhammad के सवाल पर कहा कि वह मुहम्मद (स.) के बारे में नहीं जानते. उन्होंने आगे कहा कि जो लोग मुहम्मद को मानते हैं, उनके विचारों के साथ हैं, वे शायद मुहम्मद (स.) के बारे में जानते होंगे. उन्होंने अपनी बातों को दोहराते हुए कहा कि क्या "मुझे महादेव से प्रेम है कहना महादेव का सम्मान है या अपमान? उन्होंने कहा कि महादेव के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना महादेव का अपमान है, अनादर है. उन्होंने कहा कि हम महादेव के साथ ऐसी भाषा का प्रयोग नहीं करते.
गौरतलब है कि I Love Muhammad का विवाद उत्तर प्रदेश के कानपुर से शुरू हुआ. यहां ईद-ए मिलाद-उन-नबी के जुलूस के मौके पर कुछ मुस्लिम नौजवानों ने चौक पर I Love Muhammad के पोस्टर लगाए. इस पोस्टर को लेकर हिंदूवादी लोगों ने विरोध जाहिर किया, जिसके बाद पुलिस ने I Love Muhammad वाले पोस्टर को चौक से हटवा दिया. साथ ही कई मुस्लिम नौजवानों पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया. पुलिस की इस कार्रवाई के खिलाफ देश भर के मुस्लिम समाज के लोगों ने I Love Muhammad के पोस्टर के साथ अभियान चलाया और मुहम्मद (स.) से प्रेम का इजहार किया.