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Hapur News Today: तीर्थनगरी गढ़मुक्तेश्वर (हापुड़) में कार्तिक मेले के दौरान शनिवार (1 नवंबर) को माहौल उस वक्त गरम हो गया, जब मुजफ्फरनगर के बघरा आश्रम के रहने वाले स्वामी यशवीर महाराज अपने समर्थकों के साथ मेले में पहुंचे. बताया जा रहा है कि स्वामी यशवीर के मेले में घुसने से पहले ही पुलिस ने गढ़ चौराहे पर रोक लिया. इस मौके पर स्वामी यशवीर ने मीडिया से बातचीत करते हुए कई विवादित बातें कहीं.
स्वामी यशवीर अक्सर मुसलमानों के खिलाफ विवाद बयान देते रहे हैं. स्वामी यशवीर पर पहले भी सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने, भड़काऊ बयान देने और मारपीट जैसे कई मामलों में पहले भी एफआईआर दर्ज हो चुकी है. शनिवार को स्वामी यशवीर महाराज ने हापुड़ में कहा कि वह कार्तिक मेले में यह देखने आए हैं कि यहां कौन लोग दुकानें लगा रहे हैं.
धर्म विशेष के लोगें को टार्गेट करते हुए स्वामी यशवीर ने कहा कि "जिहादी गैंग के लोग मेले में दुकानें लगाकर थूक और मूत्र से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं. शासन प्राशन को चुनौती देते हुए स्वामी यशीर ने कहा कि वह ऐसे लोगों की पहचान करेंगे और उन्हें मेले से बाहर करवाएंगे." उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि किसी भी धार्मिक मेले में ऐसे लोगों की दुकानें नहीं होनी चाहिए.
स्वामी यशवीर ने आगे कहा कि वह गंगा मेले में मां गंगा के चरणों में पहुंचे हैं, लेकिन यह देखकर दुख होता है कि कुछ लोग पवित्र धार्मिक मेलों को अपवित्र करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ दुकानदार हिंदू भोजन और प्रसाद को अशुद्ध करते हैं, इसलिए ऐसे लोगों को मेले में दुकान लगाने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए.
अक्सर अपने विवादित और भड़काऊ बयानों को लेकर सुर्खियों में रहने वाले स्वामी यशवीर ने कहा, "जब यह हिंदुओं का मेला है, तो यहां उन लोगों की दुकानें क्यों लगें जो हमारे धर्म और भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं? जो थूक-मूत्र से प्रसाद और पूजा-सामग्री को अपवित्र करते हैं, उन्हें यहां जगह नहीं मिलेगी."
स्वामी यशवीर ने कहा कि वह और उनके समर्थक ऐसे दुकानदारों की पहचान करेंगे और जिनका ताल्लुक दूसरे समुदाय से होगा, उन्हें पुलिस प्रशासन की मदद से मेले से बाहर किया जाएगा. उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें रोक लिया है और आगे नहीं जाने दिया जा रहा है, लेकिन वह अराजकता नहीं फैलाएंगे. यशवीर ने बताया कि इसके विरोध में वह वहीं धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं.
अल्पसंख्यकों को बगैर नाम लिए धमकी देते हुए स्वामी यशवीर ने आगे कहा कि "दूसरे संप्रदाय के लोग खुद ही मेले से अपनी दुकानें समेट लें. हम किसी को जबरन नहीं हटाना चाहते, लेकिन जब यह हिंदू धार्मिक मेला है तो यहां हिंदुओं की ही दुकानें लगनी चाहिए." उन्होंने हिंदू समाज से अपील की कि पूरे देश में जहां भी हिंदुओं के धार्मिक मेले लगते हैं, वहां सिर्फ हिंदू ही अपनी दुकानें लगाएं.
शासन प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए स्वामी यशवीर महाराज ने कहा कि "अब हिंदू समाज जाग चुका है, इसलिए इस तरह की घटनाएं अब बर्दाश्त नहीं की जाएंगी." स्वामी यशवीर ने कहा, "जो लोग धार्मिक मेलों को अपवित्र करने की कोशिश करते हैं, उन्हें अब भारत में अपना रास्ता बंद करना पड़ेगा."