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Nuh News Today: हरियाणा के नूंह जिले में तीन दिवसीय भव्य तबलीगी जलसा शुरू हो चुका है. इस जलसे में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या मे देश के कोने-कोने से लोग पहुंचे हैं. इस जलसे में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है. वह भी ऐसे वक्त में जब दक्षिणपंथी संगठन लगातार अल्पसंख्यकों को दिवाली, राखी जैसे कई त्योहार पर विरोध करते हुए दिखाई पड़ रहे हैं.
इस भव्य जलसे का आयोजन नूंह जिले में के पुनहाना उपमंडल के तिरवाड़ा-नई गांव के बीच तीन तक चलेगा. इस तबलीगी जलसे में हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की अनोखी मिसाल देखने को मिल रही है. जलसे में हिंदू समुदाय के लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है. उन्होंने वेज बिरयानी और 'मोहब्बत चाय' की स्टॉल लगाकर आपसी सौहार्द और प्रेम का पैगाम दिया है.
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि यह आयोजन आपसी एकता और अमन-शांति का प्रतीक है. इस इस्लामिक जलसे की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. प्रशासन और आयोजन समिति की ओर से पार्किंग, शौचालय, खाना, दवाई, वजू की व्यवस्था से लेकर रूट मैनेजमेंट तक सभी इंतजाम पुख्ता किए गए हैं, ताकि आने-जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो.
आयोजकों का कहना है कि इस जलसे में करीब 5 से 6 लाख मुस्लिम समुदाय के लोग शामिल हो सकते हैं. तबलीगी जमात के प्रमुख मौलाना हजरत साद भी इस जलसे में शिरकत करेंगे. बताया जा रहा है कि इस दौरान देश और विदेश में फैल रही सामाजिक बुराइयों से मुक्ति और अमन-शांति के लिए विशेष दुआ की जाएगी. तिरवाड़ा गांव में चल रहा यह तीन दिवसीय तबलीगी जलसा कई मायनों में खास है.
नूंह के पूर्व विधायक जाकिर हुसैन ने इस जलसे में एकता की खास मिसाल देखने को मिलती है. इसके लिए मैं मेवात के 36 बिरादरियों को मुबारकबाद पेश करता हूं. उन्होंने कहा कि हमारा देश दुनिया में अपनी गंगा जमुनी तहजीब के लिए मशहूर है. हिंदुस्तान में खासकर मेवात में सभी समुदाय के लोग त्योहार, पर्व और धार्मिक आयोजन मजहबी भेदभाव से उठकर मनाते हैं.