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West Bengal News Today: पश्चिम बंगाल के पश्चिमी वर्धमान जिले के औद्योगिक शहर अंसल की जिला अदालत ने इतवार (26 अक्टूबर) को तृणमूल कांग्रेस के एक नेता के बेटे को बड़ा झटका दिया है. कोर्ट ने करोड़ों के चिट फंड घोटाला केस में तहसीन अहमद को दस दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. इससे पहले शनिवार की देर रात पुलिस ने तहसीन अहमद को नेशनल हाइवे पर चंद्रचूड़ मंदिर के नजदीक से गिरफ्तार किया था.
बताया जा रहा है कि जिस पश्चिम बंगाल पुलिस ने तहसीन अहमद को गिरफ्तार किया, वह दूसरे राज्य में भागने के फिराक में था. तहसीन अहमद, तृणमूल कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के सह-अध्यक्ष शकील अहमद उर्फ मास्टर शकील के बेटा है. उसे कल देर रात को 350 करोड़ रुपये के चिट फंड घोटाले में शामिल होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था.
पुलिस ने इतवार दोपहर को तहसीन अहमद को जिला अदालत में पेश किया. इस दौरान सरकारी वकीलों ने उसकी पुलिस हिरासत की मांग की, जबकि बचाव पक्ष ने जमानत याचिका दायर की. अदालत ने उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे दस दिन के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया.
तहसीन अहमद को शनिवार देर शाम राष्ट्रीय राजमार्ग 19 के चंद्रचूड़ चौराहा के पास से गिरफ्तार किया गया था. उस समय वह झारखंड जाने वाली बस में बैठा था. बताया जा रहा है कि तहसीन अहमद झारखंड भागने की फिराक में था, उससे पहले ही पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने तहसीन अहमद के कब्जे से 31 लाख रुपये के सोने की ज्वेलरी भी जब्त की है.
तहसीन अहमद पर आरोप है कि उसने अंसल में लगभग 3,000 लोगों से एक अनऑथराइज्ड कॉर्पोरेट यूनिट के जरिये 350 करोड़ रुपये की भारी भरकम रकम जमा की थी. उसने इंवेस्टर्स से 14 फीसदी मंथली रिटर्न देने का वादा किया था यानी 20 महीनों में 1 लाख रुपये के इंवेस्ट पर 2.8 लाख रुपये का फायदा देने की बात कही. हालांकि, 15 अक्टूबर को जो कि जमा धारकों को भुगतान की निर्धारित तारीखी थी, वह फरार हो गया.
बाद में तहसीन अहमद ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें उसने जमा धारकों को रिटर्न के पैसे न देने पाने की बात कबूल की. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही पश्चिम बंगाल की सियासत में हड़कंप मच गया. इस मामले पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी गुरुवार को सोशल मीडिया पर शेयर किया. इसमें सुवेंदु ने तहसीन का वीडियो मैसेज भी शेयर किया था.
सोशल मीडिया पोस्ट में सुवेंदु अधिकारी ने तहसीन अहमद की तत्काल गिरफ्तारी और मामले की जांच के लिए केंद्रीय एजेंसियों जैसे प्रवर्तन निदेशालय (ED) और भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) से जांच की मांग की थी. साथ ही उन्होंने ED-SEBI से तहसीन अहमद के जरिये जमा की गई राशि को जमा धारकों को वापस करने की मांग की.