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Turkman Gate Violence Case: तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने शुक्रवार (9 जनवरी) को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर दिया. कोर्ट ने यह नोटिस इस मामले में पांच आरोपियों की ओर से दाखिल जमानत याचिकाओं पर जारी किया गया है. अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 13 जनवरी तय की है.
जमानत की मांग करने वाले आरोपियों में मोहम्मद आरिब, कैफ, काशिफ, अदनान और समीर शामिल हैं. इन सभी ने तीस हजारी कोर्ट का रुख कर जमानत के लिए अप्लाई किया था. अदालत ने जेल अधीक्षक को भी नोटिस जारी करते हुए निर्देश दिया है कि वह अगली सुनवाई से पहले सभी पांचों आरोपियों से संबंधित मेडिकल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज अदालत में पेश करें.
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने आरोप लगाया कि आरोपियों के साथ जेल परिसर के अंदर मारपीट की गई थी. इस मामले में एडवोकेट अतुल श्रीवास्तव को फैज-ए-इलाही मस्जिद पत्थरबाजी केस में स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर नियुक्त किया गया है. वे इस मामले में दिल्ली पुलिस की ओर से पैरवी कर रहे हैं.
तुर्कमान गेट केस में 12वीं गिरफ्तारी
इससे पहले दिन में दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान भड़की हिंसा के मामले में एक और आरोपी को गिरफ्तार किया. नई कार्रवाई के बाद इस मामले में गिरफ्तार होने वाले लोगों की संख्या बढ़कर अब 12 पहुंच गई है.
इस कार्रवाई के संबंध में दिल्ली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान मोहम्मद इमरान उर्फ़ राजू (36) के रूप में हुई है. दिल्ली पुलिस ने बताया था कि हिंसा में शामिल करीब 30 लोगों की पहचान कर ली गई है. आरोपियों की पहचान इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, पुलिसकर्मियों के बॉडी वॉर्न कैमरों की रिकॉर्डिंग और सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो के आधार पर की गई है.
सपा सांसद के खिलाफ पुलिस ने जारी किया समन
इससे पहले पुलिस अधिकारियों ने कहा था कि समाजवादी पार्टी के सांसद मोहीबुल्लाह नदवी को जल्द ही समन जारी किया जाएगा, ताकि वे जांच में शामिल हो सकें. पुलिस के मुताबिक, हिंसा भड़कने से कुछ समय पहले सांसद कथित तौर पर घटनास्थल पर मौजूद थे. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने उनसे अतिक्रमण स्थल के आसपास न रहने का अनुरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद वह घटना से पहले उस इलाके में बने रहे.
यूट्यूबर सलमान पर गिरी गाज
वहीं, दिल्ली पुलिस इस मामले में यूट्यूबर सलमान की तलाश भी तेज कर रही है और उसे नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है. पुलिस के मुताबिक, सलमान पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप है. सलमान पर आरोप है कि उसने अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान लोगों से मौके पर इकट्ठा होने की अपील की थी.
पुलिस ने दावा किया कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने व्हाट्सऐप ग्रुप्स के जरिए स्थानीय निवासियों को घटनास्थल पर जमा होने के लिए उकसाया. पुलिस के मुताबिक, उनका मकसद अशांति फैलाना और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान नगर निगम और कानून व्यवस्था में लगे अधिकारियों के काम में बाधा डालना था.
पुलिस के जरिये दर्ज एफआईआर के मुताबिक, यह घटना रात करीब 12:40 बजे के आसपास शुरू हुई, जब पुलिसकर्मी कथित अतिक्रमित सरकारी जमीन पर बुलडोजर कार्रवाई से पहले बैरिकेडिंग कर रहे थे. बैरिकेडिंग के दौरान 30 से 35 लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जिन्होंने कथित भड़काऊ नारे लगाए और पुलिस को अवरोध लगाने से रोकने की कोशिश की.