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IND-NEP No Man Land: भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) और नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) की संयुक्त टीम ने बॉर्डर पिलर संख्या 389/9 के करीब नो मैन्स लैंड में दो संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया. दोनों सहदेवा गाँव की ओर से नेपाल के बलिरामपुर की दिशा में जा रहे थे. संदिग्ध गतिविधि देखते हुए सुरक्षा बलों ने उन्हें रोका और पूछताछ शुरू की.
पूछताछ में पहले व्यक्ति की पहचान अनवर, निवासी—बिशनपुर, जिला सीतामढ़ी (बिहार) के तौर पर हुई है. दूसरा व्यक्ति सलेम अब्दुल्ला खलफान अलशम्सी, निवासी अल ऐन, अबू धाबी (UAE) का रहने वाला है. उसके पास UAE पासपोर्ट नंबर AA0498168 मिला है. दस्तावेजों की जांच में साफ हुआ कि वह 8 मार्च 2025 को टूरिस्ट वीज़ा पर भारत आया था, जो 29 अगस्त 2025 तक मान्य है.
सलेम अलशम्सी के पास से FRRO मुंबई की एक अक्नॉलेजमेंट स्लिप बरामद हुई, जिसमें उसने 29 अगस्त 2025 को वीज़ा एक्सटेंशन के लिए आवेदन करने की बात दर्ज की थी. उसने बताया कि वह नेपाल यात्रा पर है, जबकि उसके पासपोर्ट में कोई इमिग्रेशन डिपार्चर स्टैम्प नहीं था. इस आधार पर दोनों को आगे की जांच के लिए ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन कार्यालय ले जाया गया है.
पूछताछ में UAE नागरिक ने बताया कि उसकी उम्र 34 साल है और उसके पिता का नाम अब्दुल्ला खलफान अल शम्सी, और मां का नाम अफरा है. उसने बताया कि उसके दो बड़े भाई-मोहम्मद (UAE आर्मी में) और हामिद (बिज़नेसमैन) हैं.
भारत के लगातार दौरों के बारे में पूछने पर उसने कहा कि वह व्यापारिक अवसरों और पर्यटन के उद्देश्य से नियमित रूप से भारत आता रहता है. सलेम अलशम्सी ने बताया कि 19 नवंबर 2025 को वह होटल आयुष्मान, रक्सौल में ठहरा था. उसके साथ हक नवाज़ नाम का व्यक्ति था, जो राजौरी (जम्मू-कश्मीर) का निवासी है और अबू धाबी स्थित सलेम के कैफे में काम करता है.
इसी दौरान अलशम्सी की मुलाकात अनवर नाम के एक व्यक्ति से हुई, जिसने उसे बीरगंज (नेपाल) ले जाने और बॉर्डर संबंधी औपचारिकताएं को खुद पूरा कराने का दावा किया है. उसी के कहने पर वे बॉर्डर पिलर 389/9 के रास्ते नेपाल की ओर बढ़ रहे थे.
ज्वाइंट इनवेस्टिगेशन में बड़ा खुलासा तब हुआ जब जानकारी मिली कि भारतीय नागरिक अनवर के पास भारत और नेपाल दोनों देशों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज थे, और वह अवैध रूप से विदेशी नागरिकों को सीमा पार कराने में शामिल था.
गिरफ्तार हुए दोनों व्यक्तियों के दस्तावेज, यात्रा इतिहास, स्थानीय संपर्क तथा बॉर्डर क्रॉसिंग की मंशा की गहन जांच चल रही है. भारतीय इमिग्रेशन विभाग के साथ SSB और नेपाल APF की संयुक्त टीमें इस मामले की जांच कर रही हैं.