Ujjain News: उज्जैन के बेगमबाग इलाके में बुलडोजर चला है. इसके बाद प्रशासन पर तरह-तरह के इल्जाम लग रहे हैं. आखिर पूरा मामला क्या है, आइये जानते हैं डिटेल
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Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में शुक्रवार को जिला प्रशासन ने बेगमबाग इलाके में मुस्लिम समाज के घरों पर बुलडोजर चलाया. अथॉरिटी का कहना है कि ये अवैध कब्जे थे जिसे हटाने के लिए कार्रवाई की गई थी. वहीं मुस्लिम समाज के लोगों का कहना है कि वह सालों से यहां रहते आ रहे हैं और इन घरों के टूटने से उनका आसरा छिन गया है.
प्रशासन के मुताबिक जहां कार्रवाई हुई है, वह इलाका महाकाल मंदिर के पास मौजूद है. हालात को देखते हुए यहां भारी तादाद में पुलिस बल तैनात किया गया था. बता दें, आरोप लग रहे हैं कि बीजेपी शासित राज्यों में मुसलमानों के खिलाफ लगातार बुलडोजर कार्रवाई हो रही है. दिल्ली के बटला हाऊस समेत कई इलाकों में नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं. 15 दिनों का वक्त दिया गया है, जिसके बाद बुलडोजर की कार्रवाई होना तय है.
कार्रवाई के विरोध में अल्पसंख्यक समुदाय के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए. हालात को संभालने के लिए शहर काजी मौके पर पहुंचे. उन्होंने अधिकारियों से बातचीत की और लोगों को समझाया कि यह कार्रवाई कोर्ट के आदेश के तहत की जा रही है. इसके बाद लोग शांतिपूर्वक वहां से हट गए और प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की.
एडिशनल एसपी नितेश भार्गव ने बताया, "बेगमबाग इलाका महाकाल मंदिर के पास है और यहां बने दो मकान उज्जैन विकास प्राधिकरण (UDA) ने अतिक्रमण के रूप में चिन्हित किए थे. किसी तरह की गड़बड़ी न हो, इसलिए करीब 150 पुलिसकर्मी मौके पर तैनात किए गए हैं."
UDA के CEO संदीप सोनी ने बताया कि बेगमबाग में लोगों को जमीन और दुकानें लीज पर दी गई थीं. जब वहां सर्वे किया गया तो पाया गया कि लोगों ने लीज को रीन्यू नहीं किया था और उस इलाके को रिहायशी बना लिया. कुल 28 संपत्तियों की पहचान की गई, लेकिन कुछ लोगों ने कोर्ट से स्टे ले लिया था. अब कोर्ट ने स्टे हटा दिया है, जिसके बाद दो संपत्तियां खाली कराई गई हैं.
सोनी ने कहा, "UDA की प्लान के तहत यह कार्रवाई हो रही है. करीब डेढ़ साल पहले 28-30 ऐसी प्रॉपर्टी की पहचान की गई थी, जिनकी लीज का टेन्योर 2014-15 में खत्म हो चुका था और शर्तों का उल्लंघन किया गया था. लीज रद्द होने के बाद जमीन UDA के नियंत्रण में आ गई थी. अब जो लोग वहां रह रहे हैं, वे अवैध कब्जेदार माने जाते हैं."
उन्होंने कहा था, "कोर्ट से स्टे दो दिन पहले हटा है. इसके बाद नगर निगम, पुलिस और प्रशासन ने लोगों से बातचीत की और वे अपने सामान हटा रहे हैं. जब ये जगहें खाली हो जाएंगी तो UDA इन पर कब्जा लेकर अगली कार्रवाई करेगा."