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War on Gaza: इजरायी सेना (IDF) गाजा में लगातार हमले कर रहा है. अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू गाजावासियों के खिलाफ जंग को खत्म नहीं कर रहे हैं. गाजा में बढ़ते भुखमरी की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायल के खिलाफ आक्रोश बढ़ता जा रहा है. इसी कड़ी में यूनाइटेड किंगडम (UK) के सैकड़ों व्यापारिक नेताओं ने अपनी सरकार से इजरायल के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है. यह मांग गाजा में बदतर होती स्थिति को देखते हुए की गई है.
दरअसल, गुरुवार (21 अगस्त) को यूनाइटेड किंगडम में 762 व्यापारिक नेताओं ने एक सामूहिक मांग वाले पत्र पर हस्ताक्षर कर अपनी सरकार से मांग की कि इजरायल और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. इस समूह में यूनाइटेड किंटडम में राजा के पूर्व सलाहकार शामिल थे. इन व्यापारिक नेताओं ने मांग की है कि ब्रिटेन, इज़राइल के साथ सभी प्रकार के हथियारों के व्यापार को बंद करे, अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करने के मुल्जिमों पर प्रतिबंध लगाए, जिसमें प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल हैं.
बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) ने प्रधानमंत्री नेतन्याहू को गाजा में नरसंहार के इल्जाम में गिरफ्तार करने का आदेश दिया है. पत्र में लिखा है कि हम इसे न केवल एक नैतिक अनिवार्यता के रूप में देखते हैं, बल्कि एक पेशेवर जिम्मेदारी के रूप में भी देखते हैं. पत्र में मांग की गई है कि ब्रिटेन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई भी व्यापार चाहे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन अत्याचारों में मदद न कर रहा हो. यानी कि इजरायल को ब्रिटेन के व्यापारी ऐसा कोई भी उत्पाद मुहैया न करवाए जिससे इजरायल गाजा में और नरसंहार कर सके.
इससे पहले ब्रिटेन ने यह ऐलान किया था कि उनकी सरकार सितंबर के महीने में फिलिस्तीन को एक राज्य के रूप में मान्यता देगी. इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि फिलिस्तीन के लिए दुनिया भर से खास तौर पर यूरोपीयन देशों से समर्थन मिल रहा है. यह सब इसी वजह से मुमकिन हो पाया है क्योंकि PM नेतन्याहू का अमानवीय चेहरा दुनिया के सामने आ गई कि इजरायल किस तरह गाजा में नरसंहार कर रहा है.