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Umar Khalid Hearing: दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट में बुधवार को सुनवाई उमर खालिद के केस में सुनवाई हुई. इस दौरान उनके वकील ने दलील दी कि दंगों की कथित बड़ी साजिश के आरोपी उमर खालिद यानी उनके मुवक्किल 8 जनवरी 2020 को हुई उस कथित 'मुख्य साजिश बैठक' में मौजूद ही नहीं थे, जिसे पूरी साजिश का आधार बताया जा रहा है.
दिल्ली पुलिस का आरोप है कि इसी बैठक के आधार पर दंगों की साजिश रची गई थी. कोर्ट में इस समय आरोप तय करने को लेकर बहस चल रही है. उमर खालिद समेत 18 आरोपी इस मामले में यूएपीए (UAPA) के तहत आरोपों का सामना कर रहे हैं. न्यायाधीश समीयर बाजपेई ने मामले की अगली सुनवाई के लिए तारीख तय कर दी है.
सुनवाई के दौरान उमर खालिद के वकील, सीनियर अधिवक्ता त्रिदीप पाइस ने कहा कि जिस बैठक को मुख्य साजिश बैठक बताया जा रहा है, उसमें उमर खालिद मौजूद ही नहीं थे. उन्होंने अदालत के सामने सभी आरोपियों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स रखे और कहा कि इन रिकॉर्ड्स से साफ होता है कि कथित बैठक के समय आरोपी उस जगह पर नहीं थे.
वकील ने दलील दी कि बैठक दंगों से करीब डेढ़ महीने पहले हुई थी. आप सभी के कॉल रिकॉर्ड के समय देखिए और तुलना कीजिए. ये लोग उस वक्त एक साथ हो ही नहीं सकते थे. उन्होंने कहा कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स के विश्लेषण से साफ है कि आरोपी बैठक में मौजूद नहीं थे.
सीनियर अधिवक्ता पाइस ने यह भी कहा कि उमर खालिद से कोई आपत्तिजनक वस्तु बरामद नहीं हुई है, न ही उन पर किसी प्रकार की फंडिंग लेने या देने का आरोप है. वकील ने इस दौरान गवाह के बयान का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि कथित बैठक 8 जनवरी को हुई बताई गई है, जबकि उमर खालिद से पूछताछ 21 मई को हुई थी और उनका बयान 27 सितंबर को दर्ज किया गया था, वह भी गिरफ्तारी के बाद.
दिल्ली पुलिस इस मामले में पहले ही अपने पक्ष में दलीलें पूरी कर चुकी है और अब आरोपी पक्ष की दलीलें चल रही हैं. इस केस में कुल 18 आरोपी हैं- इनमें उमर खालिद, शरजील इमाम, ताहिर हुसैन, देवांगना कलिता, नताशा नरवाल, गुलफिशा फातिमा, आसिफ इकबाल तन्हा, सफूरा जरगर, अब्दुल खालिद सैफी, मीरन हैदर, अतर खान, शिफा-उर-रहमान और अन्य शामिल हैं.