UMEED Portal Failure: राजस्थान में वक्फ संपत्तियों का UMEED पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन टेक्निकल दिक्कतों की वजह से रुका हुआ है. अजमेर में 350 में से सिर्फ़ 50 एंट्री ही हो पाई हैं. 5 दिसंबर की डेडलाइन पास आ रही है, लेकिन कोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है. बोर्ड अधिकारियों पर दबाव काफी बढ़ गया है.
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Waqf Property Registration Crisis: राजस्थान समेत कई राज्यों में वक्फ प्रॉपर्टी को UMEED पोर्टल से जोड़ने के प्रोसेस में काफी टेक्निकल दिक्कतें आ रही हैं. राजस्थान में अभी तक वक्फ प्रॉपर्टी पूरी तरह से रजिस्टर नहीं हुई हैं. अजमेर में जहां करीब 350 वक्फ प्रॉपर्टी रजिस्टर होनी हैं, वहां अब तक पोर्टल पर सिर्फ 50 प्रॉपर्टी ही रजिस्टर हुई हैं. समय की कमी और टेक्निकल दिक्कतों की वजह से करीब 300 वक्फ प्रॉपर्टी अभी भी पेंडिंग हैं.
वक्फ बोर्ड के अधिकारी, डिस्ट्रिक्ट माइनॉरिटी वेलफेयर ऑफिसर और कंप्यूटर ऑपरेटर पूरी मेहनत कर रहे हैं, लेकिन UMEED पोर्टल की धीमी स्पीड उनकी कोशिशों में रुकावट डाल रही है. अधिकारियों के मुताबिक, पोर्टल खुलने में 20 से 25 मिनट लगते हैं. कभी-कभी OTP मिलने के बाद साइट क्रैश हो जाती है, तो कभी पूरा प्रोसेस बीच में ही हैंग हो जाता है. इसलिए 5 दिसंबर की डेडलाइन से पहले सभी वक्फ प्रॉपर्टी को रजिस्टर करना बहुत मुश्किल लग रहा है.
इस पूरे मामले को लेकर राजस्थान मुस्लिम वक्फ बोर्ड ने राज्य के सभी डिस्ट्रिक्ट वक्फ इंचार्ज को सख्त नोटिस जारी किया है. नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर 5 दिसंबर तक वक्फ प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन पूरा नहीं हुआ, तो संबंधित जिला कमेटी और मुतवल्ली को बर्खास्त कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इस बीच, सुप्रीम कोर्ट से वक्फ रजिस्ट्रेशन की डेडलाइन बढ़ाने की उम्मीद थी, लेकिन कोर्ट ने इसे बढ़ाने की याचिका खारिज कर दी, जिससे वक्फ प्रॉपर्टी की सुरक्षा और मैनेजमेंट को लेकर चिंताएं और बढ़ गईं.
शिया चांद कमेटी के प्रेसिडेंट ने क्या कहा?
शिया चांद कमेटी के प्रेसिडेंट मौलाना सैफ अब्बास नकवी ने इस मुद्दे पर कड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि उम्मीद पोर्टल पिछले एक हफ्ते से डाउन है, जिससे लोगों में काफी चिंता है. बहुत से लोग अभी तक अपनी वक्फ प्रॉपर्टी का रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाए हैं. मौलाना सैफ अब्बास ने यह भी बताया कि कुछ जिलों में इंटरनेट की सुविधा बहुत कम है, और कई जगहों पर लोग अभी भी इस डिजिटल प्रोसेस से अनजान हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि देश भर के वक्फ बोर्ड के प्रमुखों को एक डेलीगेशन बनाकर केंद्रीय वक्फ मंत्री से मिलना चाहिए. उन्होंने नरेंद्र मोदी और किरेन रिजिजू को एक लेटर भेजकर वक्फ के हित में उम्मीद पोर्टल की डेडलाइन बढ़ाने की मांग की है, ताकि बाकी वक्फ प्रॉपर्टीज़ को सुरक्षित और ट्रांसपेरेंट तरीके से रजिस्टर किया जा सके.