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Zee SalaamIndian Muslimजंग की आग में झुलसते मासूम; अफगान-पाकिस्तान झड़पों में बच्चों और औरतों पर सबसे ज्यादा मार

जंग की आग में झुलसते मासूम; अफगान-पाकिस्तान झड़पों में बच्चों और औरतों पर सबसे ज्यादा मार

UNAMA on Afghanistan Pakistan War: अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते सैन्य तनाव में आम नागरिक सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं. UNAMA की रिपोर्ट के अनुसार 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच 185 नागरिक हताहत हुए, जिनमें 56 की मौत और 129 घायल हुए. पीड़ितों में लगभग 55 फीसदी औरतें और बच्चे शामिल हैं.

 

अफगानिस्तान पाकिस्तान की जंग पर UNAMA की रिपोर्ट
अफगानिस्तान पाकिस्तान की जंग पर UNAMA की रिपोर्ट

Afghanistan Pakistan Clash: अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते सैन्य तनाव का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को उठाना पड़ रहा है. संयुक्त राष्ट्र की एक नई रिपोर्ट में कहा गया है कि हालिया सीमा पार हमलों और झड़पों के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे हताहत हुए हैं. संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान (UNAMA) की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के सैन्य अभियान के दौरान नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचा है.

काबुल से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 26 फरवरी की देर शाम से 5 मार्च तक अफगानिस्तान में पाकिस्तान से जुड़े सीमा पार हमलों और हवाई हमलों की वजह से कुल 185 नागरिकों हताहत हो गए. इनमें 56 नागरिकों की मौत हो गई, जबकि 129 लोग घायल हैं. UNAMA ने बताया कि इस हमले प्रभावितों में ज्यादातर औरतें और बच्चे शामिल थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि कुल नागरिक हताहतों में लगभग 55 फीसदी महिलाएं और बच्चे शामिल हैं.

अफगानिस्तान पाकिस्तान जंग की मार बच्चों और औरतों पर
संयुक्त राष्ट्र मिशन (UN) ने कहा कि सुरक्षा परिषद के आदेश के तहत अफगानिस्तान में हताहत होने वाली घटनाओं की लगातार जांच और रिकॉर्डिंग कर रहा है. रिपोर्ट के मुताबिक यह आंकड़े उन चिंताओं के बाद सामने आए हैं जिनमें कहा गया था कि सीमा पार झड़पों का असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है. रिपोर्ट में कहा गया है कि "3 मार्च को जारी अपने बयान के बाद और सुरक्षा परिषद के आदेश के तहत UNAMA ने अफगानिस्तान के अंदर पाकिस्तान और अफगानिस्तान की मौजूदा सत्ता के बीच सीमा पार सशस्त्र झड़पों की वजह से होने वाली हताहतों की घटनाओं की पुष्टि और रिकॉर्डिंग जारी रखे हुए है."

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इन घटनाओं में सबसे घातक हमला 27 फरवरी को पक्तिका प्रांत के बरमल जिले में हुआ. UNAMA के मुताबिक, इस दौरान हवाई हमलों की चपेट में आने से 14 नागरिकों की मौत हो गई, जिनमें चार औरतें, दो लड़कियां, पांच लड़के और तीन पुरुष शामिल थे. इसके अलावा छह अन्य लोग घायल हो गए, जिनमें दो औरतें, एक लड़की, दो लड़के और एक पुरुष शामिल हैं.

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इससे पहले पाकिस्तान ने दावा किया था कि उसके सैन्य अभियान अफगान तालिबान शासन की ओर से कथित उकसावे के जवाब में किया गया है. जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान का कहना है कि ये हमले सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए. हालांकि संयुक्त राष्ट्र के आंकड़े बताते हैं कि इन हमलों और गोलाबारी का सबसे ज्यादा असर आम नागरिकों, खासकर महिलाओं और बच्चों पर पड़ा है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि हालिया झड़पों में मारे गए नागरिकों की संख्या 2025 में दोनों देशों के बीच हुई सीमा पार झड़पों से भी ज्यादा है.

पिछले साल से बढ़ी हिंसक झड़पें
UNAMA के मुताबिक, 10 से 17 अक्टूबर 2025 के बीच हुई सीमा पार झड़पों में 47 नागरिकों की मौत हो गई थी और 456 लोग घायल हो गए थे. रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पिछले कुछ महीनों से स्थिति पहले से ही गंभीर बनी हुई थी. साल 2025 के आखिरी तीन महीनों में UNAMA ने अफगानिस्तान में कम से कम 70 नागरिकों की मौत और 478 लोगों के घायल होने का दावा किया है.

इसके अलावा इस साल भी नागरिक हताहतों की घटनाएं सामने आई हैं. रिपोर्ट के मुताबिक 1 जनवरी से 22 फरवरी के बीच नंगरहार प्रांत में हवाई हमलों और सीमा पार गोलाबारी की वजह से कम से कम 13 नागरिकों की मौत और 12 लोग घायल हुए थे. UNAMA ने कहा कि वह जमीनी स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का पालन करने की अपील की है. रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी पक्षों को नागरिकों को बचाने के लिए प्रोटोकॉल लागू करने चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत अपनी जिम्मेदारियों का पालन करना चाहिए.

अफगानिस्तान सरकार की पाकिस्तान को दो टूक
बता दें, बीते माह 26 फरवरी को पाकिस्तान ने "ऑपरेशन गजब लिल-हक" शुरू किया था और अफगानिस्तान पर शुरुआती हवाई हमलों के बाद इसे अफगान तालिबान के खिलाफ खुली जंग बताया था. जियो न्यूज के मुताबिक, पाकिस्तान ने कहा था कि ये हमले उग्रवादियों के ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे और पाकिस्तान में बढ़ते आत्मघाती हमलों के बाद यह कार्रवाई की गई. हालांकि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को सही ठहराने के लिए कोई ठोस सबूत सार्वजनिक रूप से पेश नहीं किया है. 

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती हवाई हमलों में भी बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे हताहत हुए थे. इस घटनाक्रम के जवाब में अफगानिस्तान की इस्लामिक अमीरात सरकार ने जवाबी अभियान का ऐलान किया, जिसे "रद्द-ए-जुल्म" नाम दिया गया है. अफगान सरकार ने कहा है कि यह अभियान तब तक जारी रहेगा जब तक पाकिस्तान के हमले बंद नहीं हो जाते.

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Raihan Shahid

रैहान शाहिद का ताल्लुक उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर ज़िले से हैं. वह पिछले पांच सालों से दिल्ली में सक्रिय रूप से पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत हैं. Zee न्यूज़ से पहले उन्होंने ABP न्यूज़ और दू...और पढ़ें

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