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Unnao News Today: उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली योगी आदित्यनाथ सरकार पिछले कुछ सालों से अवैध कब्जों और अतिक्रमण के नाम पर अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों और मदरसों के खिलाफ लगातार कार्रवाई करती रही है. इसी कड़ी में अब उन्नाव जिले में प्रशासन ने एक मदरसे को अवैध बताते हुए बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.
प्रशासन का दावा है कि यह मदरसा खेलकूद के मैदान के लिए रिजर्व सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करके संचालित किया जा रहा था. न्यायालय से बेदखली का आदेश मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई. जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से इलाके में अफरा तफरी मच गई. बुलडोजर कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए थे.
यह पूरा मामला उन्नाव जिले के माखी थाना क्षेत्र के इसुनिया गांव का है. यहां इतवार (14 जून) को जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहुंची और मदरसे की इमारत को हटाने की कार्रवाई शुरू की. जेसीबी मशीनों की मदद से मदरसे के ढांचे को गिराया गया. कार्रवाई के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात रहे.
इस कार्रवाई से एक दिन पहले शनिवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मदरसे के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था और प्रशासन से कार्रवाई की मांग की थी. बजरंग दल के पदाधिकारियों ने मदरसे को अवैध करार दिया था. इसके बाद इतवार को प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया.
सदर उपजिलाधिकारी क्षितिज द्विवेदी ने बताया कि खाता संख्या 122 में दर्ज लगभग 0.835 हेक्टेयर भूमि राजस्व रिकॉर्ड में खेलकूद के मैदान के रूप में दर्ज है. प्रशासन के मुताबिक, इसी भूमि पर अवैध कब्जा कर मदरसा संचालित किया जा रहा था. उन्होंने कहा कि यह मामला साल 2018 से प्रशासन के संज्ञान में था और इस संबंध में कानूनी प्रक्रिया चल रही थी.
अधिकारियों के मुताबिक, न्यायालय ने हाल ही में भूमि को कब्जा मुक्त कराने के आदेश दिए थे. इसके बाद तीन जून को मदरसा इंतजामिया को नोटिस देकर खुद कब्जा हटाने को कहा गया था. इंतजामिया ने जब तय समय के भीतर मदरसे की इमारत को नहीं हटाया. इसके बाद जिला प्रशासन ने खुद ही जबरन मदरसे को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया.
कार्रवाई के दौरान अधिकारियों की मौजूदगी में पूरे निर्माण को हटाया गया. प्रशासन का कहना है कि अब इस जमीन को पूरी तरह कब्जा मुक्त कर सुरक्षित किया जाएगा. इसके लिए जमीन के चारों ओर तारों से बाड़बंदी कराई जाएगी ताकि दोबारा किसी तरह का अतिक्रमण न हो सके.
प्रशासन ने यह भी बताया कि कब्जा हटाने के बाद इस स्थान को गांव के बच्चों के लिए खेलकूद के मैदान के रूप में विकसित किया जाएगा. स्थानीय स्तर पर एक पार्क और खेलों को बढ़ावा देने के लिए जरूरी सुविधाएं तैयार करने की भी योजना है, ताकि गांव के बच्चों को खेलने और जिस्मानी सरगर्मियों के लिए मुनासिब जगह मिल सके.