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अम्बेडकर नगरः उत्तर प्रदेश के अम्बेडकर नगर में वाके कछौचा शरीफ के दरगाह खानकाह शेख आजम सरकार कलां में उर्स सरकार कलां और उर्स अशरफी मियां बुधवार को पूरी शानो-शौकत के साथ खत्म हो गया.
इस मौके पर एक आलीशान जलसे का आयोजन किया गया, जिसमें ऑल इंडिया उलमा और मुशायख बोर्ड के कौमी सद्र और विश्व सूफी फोरम के सद्र हजरत सैयद मुहम्मद अशरफ ने अकीदतमंदों को खिताब किया. जसले को खिताब करते हुए हजरत ने कहा कि नफरत कभी जीत नहीं सकती, लेकिन शर्त यह है कि प्यार करने वाले सब्र और जब्त से काम लें.
उन्होंने कहा कि इस वक्त मुल्क का माहौल खराब बनाने की जो साजिश रची जा रही है, उसे सभी देशभक्त लोगों ने नाकाम कर दिया है. इस देश में किसी को भी किसी की खुशी से कोई परेशानी नहीं हुई, न पहले कभी हुई और न कभी भविष्य में होगी. उन्होंने कहा कि हम सभी लोग एक दूसरे के मजहब का आदर और सम्मान करने वाले लोग हैं. यही इस मुल्क की खूबसूरती है कि यहां एक देश में हजारों साल से अलग-अलग धर्म और संस्कृति एक साथ फल-फूल रही है. उनके बीच कभी कोई टकराव या मुकाबला नहीं रहा है.
हजरत ने सभी को एक साथ आने और मानवता का संदेश फैलाने के लिए दावत दी, और कहा कि हमें मतभेदों के बारे में बात नहीं करनी चाहिए. हमें सिर्फ यह देखना चाहिए कि हमारे बीच क्या समानता है, और प्यार के लिए यही काफी है. सूफी यही करते हैं. यही सूफिज्म का पूरी दुनिया और मानवता को संदेश है.
उर्स सरकार कलां के मौके पर फातिहा पढ़ने और लंगर के साथ दुनिया भर में शांति, खासकर फिलिस्तीन के लोगों की जुल्म से आजादी के लिए दुआ मांगी गई.
इस मौके पर सैयद हसन अशरफ, सैयद हमद अशरफ, सैयद मकसूद अशरफ उर्फ अरशद मियां, सैयद अता अशरफ, सैयद नेल अशरफ, सैयद नासिर अशरफ, मौलाना अब्दुल खालिक, मौलाना हारून, मौलाना अजीम अशरफ देहलवी, नफीस खादिम, मुफ्ती ताजुद्दीन और जामा अशरफ .और मुख्तारुल उलूम के छात्रों ने हिस्सा लिया.