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Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के नानपारा इलाके में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के खिलाफ बुलडोजर एक्शन हुआ है. बहराइच प्रशासन ने तालाब की जमीन पर बनी 10 पक्की दुकानों को गिरा दिया. इस कार्रवाई से इलाके में कब्जा करने वालों में हड़कंप मच गया है.
दरअसल, नानपारा तहसील के लालबोझी गांव में प्लॉट नंबर 670, राजस्व रिकॉर्ड में कैटेगरी 6-1 तालाब के रूप में दर्ज है. इसके बावजूद, मझोबा भुलौरा, परगना और तहसील नानपारा के रहने वाले छुटकान खान उर्फ रियासत उल्लाह खान के बेटे यासीन ने इस सरकारी तालाब की ज़मीन पर 10 पक्की दुकानें बनाकर अवैध रूप से कब्ज़ा कर लिया था. जब प्रशासन को इस कब्ज़े के बारे में पता चला, तो जांच की गई और नानपारा के सब-डिविज़नल मजिस्ट्रेट (SDM) के आदेश पर बुलडोजर एक्शन हुआ और सभी दुकानों को गिरा दिया गया.
प्रशासन ने क्या कहा?
राजस्व विभाग की टीम और नानपारा के तहसीलदार मौके पर मौजूद थे, यह सुनिश्चित करते हुए कि पूरा ऑपरेशन शांतिपूर्वक और व्यवस्थित तरीके से पूरा हो. दुकानों को गिराने के दौरान कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. प्रशासन ने कहा कि तालाबों जैसी जलमग्न भूमि पर कब्जा न सिर्फ पानी की कमी को बढ़ाता है, बल्कि पर्यावरण और ग्रामीण जीवन पर भी गंभीर प्रभाव डालता है. इसलिए, अवैध कब्ज़ों को हटाना और तालाबों को उनकी मूल स्थिति में बहाल करना बहुत जरूरी है.
स्थानीय लोगों ने क्या कहा?
वहीं, इलाके के लोगों ने नानपारा के SDM की इस कड़ी कार्रवाई की खुलकर तारीफ़ की है. लोगों ने कहा कि सरकारी तालाब की ज़मीन पर लंबे समय से कब्ज़े के कारण जलभराव और अन्य समस्याएं बढ़ रही थीं. अब, प्रशासन की इस पहल से उम्मीद जगी है कि तालाब का संरक्षण होगा और भविष्य में ग्रामीणों को जल संरक्षण का फायदा मिलेगा. प्रशासन ने साफ़ किया है कि यह अभियान यहीं नहीं रुकेगा. सरकारी जमीन, तालाबों, गांव की सड़कों और अन्य सार्वजनिक संपत्तियों पर सभी अवैध कब्ज़ों के खिलाफ़ कार्रवाई जारी रहेगी.