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Varanasi News Today: उत्तर प्रदेश सरकार लगातार तरक्की के नाम पर गरीबों और मजलूमों के घरों पर बुलडोजर चला रही है. योगी सरकार, वाराणसी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर समेत कई अन्य प्रोजेक्ट बनाने के नाम लगातार मु्स्लिम बाहुल इलाकों में अब तक 10 हजार से ज्यादा दुकानों पर बुलडोजर कार्रवाई कर चुकी है. इतवार (9 नवंबर) को भी सरकार ने मुस्लिम बाहुल इलाकों में कार्रवाई की, जिससे मौके पर अफरा तफरी मच गई.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाराणसी में नई सड़क से चौक थाने तक वलमंडी मार्ग के 705 मीटर चौड़ीकरण को लेकर इतवार को छुट्टी के दिन भी लोक निर्माण विभाग की कार्रवाई देखने को मिली. जिला प्रशासन और कमिश्नरेट पुलिस की मौजूदगी में फैंसी मार्केट लक्ष्मी कुंड इलाके में घड़ी, मोबाइल सहित 13 इलेक्ट्रॉनिक दुकानों को खाली कराकर तोड़ दिया गया.शाम करीब 5 बजे दुकानों को खाली कराने और तोड़ने की कार्रवाई शुरू होते ही दुकानदारों ने विरोध जताना शुरू कर दिया.
कथित तरक्की के नाम पर 184 मकान जद में
दुकानदारों का आरोप था कि उन्हें दुकान खाली करने की कोई से नोटिस नहीं दी गई थी. उन्होंने यह भी कहा कि दुकान और मकानों की रजिस्ट्री 5 दिन पहले ही मकान मालिक के जरिये कराई गई थी, फिर भी बिना जानकारी दिए कार्रवाई की जा रही है. स्थिति को देखते हुए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया. मौके पर पीएसी सहित दशाश्वमेध सर्किल के तीनों थानों की पुलिस मौजूद रही.
इस इलाके में सड़क चौड़ीकरण की जद में कुल 184 मकान आ रहे हैं, जिन्हें गिराने और रजिस्ट्री की प्रक्रिया के लिए राजस्व और लोक निर्माण विभाग चौक थाने में कैंप लगाकर काम कर रहा है. अब तक 5 मकानों की रजिस्ट्री कराई जा चुकी है और इसके बाद एक-एक कर मकानों को गिराया जा रहा है. इतवार दोपहर जब प्रशासन की टीम इन मकानों में रह रहे किरायेदारों को खाली कराने पहुंची, तो उन्होंने इनकार कर दिया.
जॉइंट मजिस्ट्रेट नितिन सिंह और एसीपी अतुल अंजन त्रिपाठी ने उन्हें समझाने की कोशिश की लेकिन वे नहीं माने. लगभग दो घंटे तक बातचीत चलती रही. मामले का समाधान न निकलने पर पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दुकानें खाली कराना शुरू किया. इस दौरान एक दुकानदार ताला लगाकर मौके से भाग गया, जिसे पुलिस ने दौड़कर पकड़ा. उसके बाद ताला खुलवाने के बाद उसे छोड़ दिया गया.
बिजली विभाग ने काटी इलाके की लाइट
शाम को अंधेरा होने के कारण PWD ने सभी 13 दुकानों में अपना ताला लगाकर अगले दिन इन्हें तोड़ने की बात कही. काशी जोन के डीसीपी गौरव बंसवाल ने बताया कि मौके पर भारी पुलिस फोर्स तैनात किया गया है. कार्रवाई से पहले बिजली विभाग ने भी दुकानों के कनेक्शन काट दिए थे. बिजली कटने पर लोगों ने विरोध किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटाकर कार्रवाई जारी रखी.
बिजली के खंभों से कनेक्शन काटे जाने की वजह से कई घरों में अंधेरा हो गया, जिससे इलाके के लोग नाराज हो गए. इस कार्रवाई में जिन दुकानदारों की दुकानें पर बुलडोजर कार्रवाई होने से उनके सामने रोजी रोटी की समस्या खड़ी हो गई. पीड़ित दुकानदानों में अब्दुल कादिर खान, मोहम्मद आसिफ, आदिल उल्लाह, आरिफ इरफान, मीर अहमद, मोहम्मद सुहैब, हुसैन सुहैब, लाइक बानो, मुनैल बानो, पिंकी, अहमद, समी रजा और अरशद जमा के नाम शामिल हैं.
मुस्लिम बहुल इलाके में 10 हजार दुकानों पर मंडराया खतरा
बता दें, वाराणसी के मुस्लिम बहुल दालमंडी बाजार पर इन दिनों बुलडोजर का साया है. काशी विश्वनाथ कॉरिडोर विस्तार परियोजना के तहत करीब 10,000 दुकानों को हटाने की तैयारी चल रही है. मंदिर के मुख्य गेट से महज 150 मीटर दूर बसे इस बाजार की 8 फुट चौड़ी सड़क को 23 फुट करने की योजना है. इसे 'पूर्वांचल का सिंगापुर' कहा जाता है, जिसे पीढ़ियों से मुस्लिम व्यापारी चला रहे हैं.
प्रशासन का कहना है कि इससे श्रद्धालुओं को आने जाने में आसानी होगी. वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार की इस कार्रवाई से स्थानीय दुकानदारों में भारी नाराजगी है. एक व्यापारी ने कहा, "हमारी रोजी छिन जाएगी, इसलिए सरकार से मांग है कि पहले मुआवजा और पुनर्वास दिया जाए." सर्वे के बाद नोटिस जारी होंगे फिर कार्रवाई होगी. 2021 से जारी इस प्रोजेक्ट को लेकर विरोध का दायरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन सरकार हजारों परिवारों को बेरोजगार कर इसे तरक्की का नाम दे रही है.