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अखलाक के कातिलों पर मेहरबान योगी सरकार, मॉब लिंचिंग का केस वापस लेने पर भड़का विपक्ष

UP Akhlaq Case News: उत्तर प्रदेश के दादरी में साल 2015 में अखलाक खान को गाय का मांस रखने के शक में मॉब लिंचिंग करके मौत के घाट उतार दिया गया था. अब उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मॉब लिंचिंग में शामिल आरोपियों पर से मुकदमा वापिस लेने का फैसला किया है. इस फैसले के बाद विपक्ष के नेता गंभीर सवाल उठा रहे हैं. पूरी खबर जानने के लिए नीचे स्क्रॉल करें. 

 

अखलाक के कातिलों पर मेहरबान योगी सरकार, मॉब लिंचिंग का केस वापस लेने पर भड़का विपक्ष

UP Akhlaq Case News:  राजधानी दिल्ली से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर ग्रेटर नोएडा के दादरी में साल 2015 में लाउडस्पीकर से ऐलान करके हिंदूवादी उग्र भीड़ को इकट्ठा किया गया और अखलाक खान की मॉब लिंचिंग करके मौत के घाट उतार दिया है. अख़लाक़ पर आरोप था कि उसके घर के फ्रीज़ में गाय का मांस है. अब उत्तर प्रदेश सरकार ने अखलाक खान के मॉब लिंचिंग के आरोपियों पर से मुकदमा वापिस लेने की मंजूरी दे दी है. इस फैसले के बाद उत्तर प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. 

विपक्ष के नेता इस फैसले को भेदभावपूर्ण और मुस्लिम विरोधी बता रहे हैं. वामपंथी दल CPI(M) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने इस फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर तंज कसते हुए एक सोशल मीडिया पोस्ट लिखा. इस पोस्ट में उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार को कातिलों का डबल इंजन वाली सरकार बताया गया है. वहीं, इस फैसले पर समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एस.टी हसन ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी और अखलाक खान की हत्या के दोषियों के सख्त सजा देने की मांग की

वहीं, योगी सरकार ने सुरजपुर कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, जिसमें अखलाक खान के मॉब लिंचिंग में शामिल आरोपियों पर से मुकदमा वापिस लेने का अग्रह किया गया है. इस याचिका पर आगामी 12 दिसम्बर को सुरजपुर कोर्ट में सुनवाई होनी है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उत्तर प्रदेश सरकार के विशेष सचिव मुकेश कुमार सिंह ने गौतमबुद्धनगर के DM को एक पत्र भेजा, जिसमें अखलाक की मॉब लिंचिंग में शामिल आरोपियों पर से मुकदमा वापिस लेने की औपचारिक मंजूरी दी गई है.  

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गौरतलब है कि 28 सितंबर 2015 की रात बिसाहड़ा गांव में लाउड स्पीकर से एक अफवाह उड़ाई गई कि अखलाक खान अपने फ्रिज में गाय का मांस रखा है, जिसके बाद उग्र हिंदूवादी भीड़ ने अखलाक खान की मॉब लिंचिंग कर दी. 52 साल के अखलाक खान को पोल से बांधकर धार्मिक नारे लगाने को कहा गया और बेरहमी से पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया गया. अख़लाक़ खान का बेटा वायु सेना में नौकरी करता है.. जांच के बाद ये भी सामने आया था कि फ्रीज़ में रखा गया मांस गाय का नहीं बल्कि भैंस का मांस था.  

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Zeeshan Alam

जीशान आलम Zee Media में ट्रेनी जर्नलिस्ट हैं. वह बिहार के छपरा के निवासी हैं और दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन किया है. सियासत और मुस्लिम माइनॉरिटी से जुड़ी ख़बरें वो आ...और पढ़ें

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