Madarsa Seal in UP: योगी सरकार लगातार उत्तर प्रदेश में मदरसों के खिलाफ एक्शन मोड में नजर आ रही है. प्रशासन ने अब तक अलग-अलग जिलों में कई मदरसों को नियमों की अनदेखी करने और वैध दस्तावेज न होने पर सील कर दिया है. प्रशासन ने भारत-नेपाल सीमा पर मौजूद तीन जिलों को सील कर दिया.
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UP Madarsa News Today: उत्तर प्रदेश में बीजेपी की अगुवाई वाली योगी सरकार लगातार मस्जिद और मदरसों के खिलाफ कार्रवाई करने में जुटी है. खासतौर पर सीमावर्ती क्षेत्रों में मौजूद कथित अवैध मदरसों के खिलाफ सख्ती बरतने का दावा किया जा रहा है. इस बीच प्रशासन ने महाराजगंज जनपद के नौतनवा तहसील क्षेत्र के हरदी डाली गांव के नजदीक चलने वाले दारुल उलूम अहलेसुन्नत गौसुल निजामिया मदरसे को सील कर दिया है.
बताया जा रहा है कि भारत नेपाल सीमा से महज 200 मीटर दूर चलने वाला यह मदरसा कई सालों से चल रहा था. दो साल पहले जांच के बाद मदरसे को बंद करने के निर्देश दिये गये थे. इस आदेश के बाद कुछ दिनों तक मदरसे को बंद कर दिया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों के अंदर मदरसे का संचालन फिर से शुरू हो गया.
मंगलवार (29 अप्रैल) की देर शाम जिले के अल्पसंख्यक अधिकारी मौके पर पहुंचे और संचलाकों से मदरसे के कागजात दिखाने को कहा गया, लेकिन मदरसा प्रबंधन अधिकारियों के सामने कोई भी वैध दस्तावेज पेश करने में नाकाम रहा. इसके बाद अल्पसंख्यक अधिकारी ने बगैर वैध दस्तावेज के चल रहे दारुल उलूम अहलेसुन्नत गौसुल निजामिया मदरसे को सील कर दिया.
दारुल उलूम अहलेसुन्नत गौसुल निजामिया मदरसे के एक टीचर ने बताया कि यहां पर 35 से 40 बच्चे पढ़ रहे थे और यह मदरसा रजिस्टर्ड नहीं था. जिसके बाद प्रशासन ने जांच के बाद इसे सील कर दिया है.
बहराइच जिले में भारत-नेपाल सीमा पर मौजूद मदरसों की भी जांच जारी है. दो दिन से चल रही कार्रवाई में अब तक पांच मदरसे सीज किए जा चुके हैं. इनमें चार मदरसे रूपईडीहा और एक मोतीपुर क्षेत्र में स्थित है. यह कार्रवाई जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा के अगुवाई में की गई. प्रशासन का दावा है कि इस जांच का उद्देश्य बिना मान्यता या अवैध रूप से चल रहे मदरसों की पहचान कर उन पर कार्रवाई करना है.
इसके अलावा प्रदेश श्रावस्ती जिले में भी मदरसों के खिलाफ जिला प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है. इसी कड़ी में प्रशासन ने भिनगा क्षेत्र के शाहपुर बरगदवा और बगही गांव में स्थित दो और मदरसों को सील कर दिया है.प्रशासन ने दावा किया है कि ये दोनों मदरसे बिना किसी मान्यता के अवैध रूप से चलाए जा रहे थे.
एसडीएम, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की और इन मदरसों को बंद करने के आदेश दिए. जिलाधिकारी अजय द्विवेदी ने बताया कि अब तक जिले में 34 अवैध मदरसों को सील किया जा चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और बिना मान्यता के किसी भी शैक्षणिक संस्थान को संचालित नहीं होने दिया जाएगा.
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