Advertisement
trendingNow,recommendedStories0/zeesalaam/zeesalaam2693714
Zee SalaamIndian Muslimमदरसों में अवैध नियुक्ति पर यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, 33 जिलों के 308 शिक्षकों पर गिरेगी गाज

मदरसों में अवैध नियुक्ति पर यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, 33 जिलों के 308 शिक्षकों पर गिरेगी गाज

UP Madarsa Teachers Recruitment: उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने लॉकडाउन के दौरान प्रदेश के 33 जिलों में हुई नियुक्ति की जांच के आदेश दिए थे. जांच के रिपोर्ट के में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं, इस रिपोर्ट के आधार पर चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की नियुक्ति में भी धांधली की आशंका जताई जा रही है.

फाइल फोटो
फाइल फोटो

Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश सरकार ने मदरसों की एक बार फिर जांच के आदेश दिए हैं. इस आदेश से मदरसा इंतजामिया में अफरा-तफरी मच गई है. दरअसल, उत्तर प्रदेश के 33 जिलों में लॉकडाउन के दौरान 308 अध्यापकों की नियुक्ति की गई थी. हालांकि, अब सरकारी स्तर पर जांच के बाद इन नियुक्तियों को अवैध और गैरकानूनी ठहराया गया है. 

उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव ने अपनी जांच इन नियुक्तियों के लिए ना सिर्फ मदरसा इंतजामिया को बल्कि विभाग के अधिकारियों को भी जिम्मेदार ठहाराया गया है. उन्होंने दोषी शिक्षकों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई और रकम रिकवरी करने की सिफारिश की है. 

उप सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर अब उत्तर प्रदेश के विभागीय निदेशक ने सभी जिला मजिस्ट्रेट को पत्र भेजकर इन नियुक्तियों की जानकारी मांगी है. यूपी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के नवनियुक्त निदेशक अंकित अग्रवाल ने सभी डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को पत्र लिखकर सूचित किया है कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के विशेष सचिव रहे डी. एस. उपाध्याय को लॉक डाउन के दौरान मदरसों में की गई सभी नियुक्ति के जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. 

Add Zee News as a Preferred Source

उत्तर प्रदेश के विभागीय निदेशक ने पत्र में लिखा कि सरकार ने लॉकडाउन के दौरान मदरसों में की गई नियुक्तियों की जांच की जिम्मेदारी डी. एस. उपाध्याय को दी थी. उनकी रिपोर्ट के आधार पर एक समिति का गठन किया गया है. विशेष सचिव के जरिये की गई जांच में प्रदेश के 33 जिलों में कुल 308 लोगों की नियुक्तियों का जिक्र है.  रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इन नियुक्तियों के लिए कई जिलों से सही जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है और यह संख्या 308 से अधिक हो सकती है. 

रिपोर्ट में यह भी आशंका जताई गई है कि इसी तरह से चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की भी बड़ी संख्या में नियुक्तियां की गई हैं और इन नियुक्तियों के लिए दी गई वेतन राशि बहुत अधिक है. इसलिए इन गैरकानूनी नियुक्तियों में शामिल मदरसा प्रबंधकों, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारियों और रजिस्ट्रार मदरसा शिक्षा बोर्ड उत्तर प्रदेश से रिकवरी की जाए और वेतन की भुगतान को रोका जाए.

 मुस्लिम माइनॉरिटी की ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें https://zeenews.india.com/hindi/zeesalaam

TAGS

Trending news