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Meerut News Today: 'खुदा का घर देर है अंधेर नहीं है.' यह कहावत मेरठ में डेढ़ महीने पहले हुए हत्याकांड पर सटीक बैठता है. पुलिस ने जब खौफनाक वारदात का खुलासा किया तो स्थानीय लोगों के साथ अधिकारियों को भी यकीन नहीं हो रहा था. दरअसल, मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में करीब डेढ़ माह पहले एक औरत की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. पुलिस ने गहन जांच के बाद कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए हत्यारोपी शौहर और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस ने आरोपी पास से हत्या में इस्तेमाल की गई छूरी और रस्सी भी बरामद की है. हत्यारोपी पेशे से मस्जिद का इमाम है.बताया जा रहा है कि हत्यारोपी मुजफ्फरनगर के चरथावल में मस्जिद में इमामत कराता है. एसएसपी विपिन ताडा ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस खौफनाक वारदात का खुलासा किया तो सभी दंग रह गए. पुलिस के मुताबिक, मेरठ के जानी थाना क्षेत्र में गंग नहर की पटरी पर बुर्का से लिपटी हुए औरत का शव बरामद हुआ था. औरत की गर्दन रेतकर हत्या की गई थी. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की पड़ताल शुरू कर दी.
इस हत्याकांड का पर्दाफाश करने के लिए पुलिस ने मेरठ के तमाम थानों और आसपास के जिलों में महिला की शिनाख्त के लिए अभियान चलाया. इस दौरान पुलिस को पता चला कि मुजफ्फरनगर के चरथावल थाना में मृतका की गुमशुदगी का मामला दर्ज है. इस केस से मृतका की पहचान नईमा यास्मीन के रूप में हुई. पुलिस को यहीं से इस केस में बड़ी लीड मिल गई.
पुलिस ने आगे जांच की तो पता चला कि मृतका का पति शहजाद इमाम है और चरथावल में एक मस्जिद में इमामत कराता है. जांच में पता चला कि नईमा असम की रहने वाला है. शहजाद और नईमा लव मैरिज शादी हुई थी. शहजाद ने खुद को कपड़ा व्यापारी बताकर नईमा से ऑनलाइन निकाह किया था. शहजाद ने खुद को अविवाहित बताया था जबकि वो शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे भी हैं.
निकाह के बाद शहजाद उसे चरथावल ले आया. नईमा कापी पढ़ी लिखी थी. जब उसे पता चला कि उसका शौहर शहजाद इमाम है. इसके अलावा पहले से शादीशुदा है और तीन बच्चे भी हैं तो उसके पैरों तले से जमीन खिसक गई. इस बात को लेकर शहजाद और नईमा में विवाद होने लगा. नईमा ने शहजाद को उसकी पहली बीवी से मिलने जुलने पर भी पाबंदी लगा दी. इस बात से नाराज होकर शहजाद ने नईमा को रास्ते से हटाने के लिए एक खौफनाक साजिश रची.
इस वारदात को अंजाम देने के लिए शहजाद ने मेरठ के रहने वाले अपने दोस्त नदीम अंसरी को मिलाया. इसके लिए उसने नदीम को 12000 रुपये दिए औ नईमा के हत्या की योजना बनाई. शहजाद ने 16 सितंबर को नईमा को बाजार ले जाने के बहाने बुलाया. इस दौरान उसे जूस में नींद की गोलियां मिलाकर बेहोशी कर दिया. इसके बाद मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के सिवालखास में लाकर उसकी गला रेतकर हत्या कर डाली.
मुख्य आरोपी शहजाद के साथी नदीम ने रईसा का रस्सी का गला घोंट दिया, जबकि शहजाद ने छूरी से अपनी बीवी का गला रेत दिया. हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को गुमराह करने के लिये शहजाद ने खुद चरथावल थाना में नईमा की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. कड़ी जांच पड़ताल के बाद मेरठ की जानी थाना पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर उन्हें जेल भेज दिया है.