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Aligarh News Today: उत्तर प्रदेश में हालिया दिनों कई ऐसी घटनाएं सामने आई हैं, जब दक्षिणपंथी संगठन से ताल्लुक रखने वाले कुछ लोगों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों को पकड़ कर उनसे मारपीट की और धार्मिक नारे लगवाए. जिससे पूरे प्रदेश का सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने का खतरा मंडराने लगा. हालांकि, कई मामलों में उत्तर प्रदेश पुलिस की सूझबूझ से बड़े हादसे टलग गए हैं.
इसी तरह का एक मामला बीते दिनों अलीगढ़ जिले के लोधा थाना क्षेत्र से सामने आया, जहां बुलाकगढ़ी गांव में झड़प हो गई थी. इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई. वीडियो को जिस तरह असामाजिक तत्वों के जरिये सोशल मीडिया पर पेश किया जा रहा था. पुलिस ने जांच के बाद उसकी पोल खोल दी.
दरअसल, सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा था कि लोधा थाना क्षेत्र के बुलाकगढ़ी में मुस्लिम समुदाय के एक शख्स की बेरहमी से पिटाई की गई और उसे धार्मिक नारा लगाने के लिए मजबूर किया गया. इसके बाद जिला अस्पताल में पीड़ित से मिलने वालों का तांता लग गया. जिसमें सामाजिक संगठन, सियासी दलों के नेता और मुस्लिम धर्म गुरू घायल को देखने के लिए लगातार अस्पताल पहुंच रहे थे और इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए नाराजगी का इजहार कर रहे थे.
इस संबंध में अलीगढ़ नगर पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि यह पूरा मामला एक सामान्य झगड़ा है. उन्होंने बताया कि 20 सितंबर को मुस्तकीम नाम का एक शख्स साइकिल से जा रहा था. रास्ते में बच्चों को हटाने के दौरान मुस्तकीम का जीशान नाम के एक दूसरे नौजवान से विवाद हो गया था. बहस के दौरान दोनों में मारपीट हुई थी.
पुलिस अधीक्षक मृगांक शेखर पाठक ने बताया कि मारपीट के घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराने के साथ उनका मेडिकल परीक्षण भी कराया था. उन्होंने बताया कि जांच में किसी भी तरह का धार्मिक रंग एंगल या धार्मिक नारा लगाने के लिए मजबूर करने की बात सामने नहीं आई है. यह खबर पूरी तरह भ्रामक है. दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त कर ली गई है और विधिक कार्यवाही की जा रही है. फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है.