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Aligarh News Today: उत्तर प्रदेश में पुलिस समय कानून और मजहबी आजादी को ताक पर रखकर अल्पसंख्यकों को निशाना बना रही है. मुसलमानों की अजान से शुरू हुआ विवाद, अब नमाज, त्योहार के बाद 'I Love Muhammad' तक पहुंच गया है. बारावफात पर कानपुर से शुरू हुआ पुलिसिया तांडव राज्य के कई जिलों में देखने को मिला.
अलीगढ़ में दीवार पर 'I Love Muhammad' लिखने का मामला सामने आने के बाद फिर से ताबड़तोड़ पुलिसिया एक्शन देखने को मिला. 'I Love Muhammad' के मामले में पुलिस ने आठ लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है. पुलिस के मुताबिक, जिन लोगों के नाम रिपोर्ट में दर्ज किए गए हैं, वे सभी मुस्लिम समुदाय से हैं.
यह पूरा मामला अलीगढ़ के भगवानपुर गांव का बताया जा रहा है. एफआईआर दर्ज होने के उन सभी आरोपियों के घर वालों ने चौंकाने वाला खुलासा किया. पुलिस के जरिये इस मामले में मुस्लिम परिवारों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज की गई है. गांव के ज्यादातर आरोपी फिलहाल घर पर नहीं मिले, लेकिन उनके परिवार के लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं और खुद को निर्दोष बताया है.
आरोपियों में से एक अल्लाह बख्श के घर जब टीम पहुंचीं तो वह मौके पर नहीं मिले. अल्लाह बख्श के बेटे ने बताया कि उन्हें एफआईआर दर्ज होने के बारे में कोई जानकारी नहीं है. उसने कहा, "हम लोग दूध का काम करते हैं, सुबह काम में व्यस्त रहते हैं." दीवार पर 'I Love Muhammad' लिखने को लेकर उन्होंने कहा, "हमारे अब्बू ने कुछ नहीं लिखा है."
इसके बाद टीम सोनू के घर पहुंची. सोनू की बीवी ने बताया कि वह आज सुबह में एक शादी में गये हैं. उन्होंने कहा, "सोनू ने नहीं लिखा, उन्हें फंसाया जा रहा है." फिर टीम गुल मोहम्मद के घर पहुंची. एफआईआर में गुल मोहम्मद के साथ उनके बेटे हसन और हामिद के नाम भी दर्ज हैं.
गुल मोहम्मद के परिवार ने मामला दर्ज होने पर नाराजगी जताते हुए कहा, "तीनों लोग अलीगढ़ गए हैं खरीदारी के लिए, घर में शादी है और उसकी तैयारी चल रही है. हम क्यों ऐसा लिखेंगे? हमारे परिवारवालों को जानबूझकर फंसाया जा रहा है ताकि हम गांव छोड़ दें." उन्होंने सवाल उठाया, "किसी ने लिखते देखा है क्या? कोई सबूत है क्या?"
इसके बाद एक और आरोपी सुलेमान के घर पहुंचें. सुलेमान भी घर पर नहीं मिले. उनकी बीवी ने बताया कि वे मस्जिद गए हैं. सुलेमान की बीवी ने कहा, "सुलेमान सीधे-सादे इंसान हैं, किसी से कोई मतलब नहीं रखते. पहले गांव में ऐसा कभी नहीं हुआ था. कुछ दिन पहले गांव में हाफिज साहब से झगड़ा हुआ था, उसी के चलते उनका नाम डाल दिया गया होगा."
एफआईआर में जिन आठ लोगों के नाम दर्ज किए गए हैं. उनमें मुस्तकीम मौलवी, गुल मोहम्मद, सुलेमान, सोनू, अल्लाह बख्श, हसन, हामिद और यूसुफ शामिल हैं. आरोपियों के परिवारों का कहना है कि यह पूरी तरह से साजिश है और उन्हें जानबूझकर इस मामले में फंसाया जा रहा है. घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल है, जबकि सभी आरोपियों के परिजन लगातार अपनी बेगुनाही का दावा कर रहे हैं और पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं.