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Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश की सियासत में अंसारी परिवार का दबदबा रहा है. खासकर पूर्वांचल की सियासत में. मुख्तार अंसारी, मऊ विधानसभा सीट से पांच बार विधायक निर्वाचित हुए,जबकि उनके भाई अफजाल अंसारी गाजीपुर से तीन बार सांसद औ पांच बार विधायक रह चुके हैं. उनके सबसे बड़े भाई सिब्गतुल्ला अंसारी भी सियासी रुप से काफी सक्रिय हैं और वह भी दो बार विधायक रह चुके हैं.
हालांकि, अब पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के परिवार की अगली पीढ़ी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. एक तरफ उनकी बीवी अफशां अंसारी लंबे समय से फरार हैं, उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश पुलिस ने लुक आउट नोटिस जारी किया है और 50 हजार का इनाम घोषित किया है. इसी तरह से मऊ के वर्तमान विधायक अब्बास अंसारी जेल में बंद हैं. हालही में हाईकोर्ट ने हेट स्पीच मामले में दो साल की सजा पर रोक लगा दी, जिसकी वजह से उनकी विधायकी रद्द होने से बच गई हैं.
अंसारी परिवार के एक और सदस्य पर उत्तर प्रदेश पुलिस शिकंजा कसती जा रही है. गाजीपुर के मुहम्मदाबाद थाने की पुलिस ने पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे उमर अंसारी की हिस्ट्रीशीट खोल दी है. पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, उमर अंसारी IS-191 गैंग का एक्टिव मेंबर हैं. पुलिस ने उमर अंसारी पर सार्वजनिक जमीनों पर कब्जा करने से लेकर चुनाव के दौरान भड़काऊ भाषण देने तक के गंभीर आरोप लगाए हैं.
इसके अलावा उमर अंसारी पर गाजीपुर, मऊ और लखनऊ में कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं. इन्हीं मामलों को देखते हुए पुलिस ने उमर अंसारी की सरगर्मियों पर नजर रखने के लिए इतवार (21 सितंबर) को हिस्ट्रीशीट खोलने का फैसला लिया है. पुलिस के जरिये दर्ज मुकदमों में धोखाधड़ी और कूटरचना के मामले, चुनाव आचार संहिता उल्लंघन, भड़काऊ भाषण और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिशें का मामला शामिल है.
पुलिस के मुताबिक, उमर अंसारी पर 7 मुकदमें में दर्ज हैं. इनमें गाजीपुर के अलावा लखनऊ और मऊ के थानों में दर्ज केस भी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि हिस्ट्रीशीट के माध्यम से उमर अंसारी की सरगर्मियों पर लगातार निगरानी रखी जाएगी. इसके तहत अपराध और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.