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Bareilly Violence Update: बरेली में बीते 26 सितंबर को 'I Love Muhammad' के समर्थन में निकाले गए जुलूस के दौरान हिंसा भड़क गई थी. इस घटना में पुलिस ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा को गिरफ्तार कर लिया है. इस मामले में पुलिस मौलाना तौकीर रजा के करीबियों पर भी शिकंजा कसते हुए उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
IMC के अध्यक्ष मौलाना तौकीर रजा के एक और करीबी डॉक्टर नफीस की भी मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. पुलिस ने डॉक्टर नफीस के बेटों की कथित वक्फ संपत्ति कब्जाने वाले केस को रीओपेन कर दिया है. बरेली में साजदा बेगम नाम की महिला ने डॉ. नफीस के दोनों बेटों नोमान और फरहान समेत पांच लोगों के खिलाफ वक्फ संपत्ति कब्जाने का आरोप लगाया है. साजदा बेगम ने इसको लेकर किला थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी.
इस मामले में पुलिस ने आरोप निराधार बताकर एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी थी. अब वादी महिला साजदा ने गोपनीय हेल्पलाइन पर एसएसपी से शिकायत की. इस शिकायत के बाद सीओ प्रथम से मामले की जांच करवाई है. पुलिस का दावा है कि जांच में आरोप काफी हद तक सही पाए गए हैं.
वक्फ बोर्ड के कानूनी सलाहकार की सलाह पर एफआर लगाने की बात तो सामने आई, लेकिन कानूनी सलाहकार के बयान दर्ज नहीं किए गए थे. एसएसपी ने मामले में दोबारा विवेचना के आदेश जारी किए हैं. इससे मौलाना तौकीर रजा के करीबी डॉक्टर नफीस के परिवार के मुश्किल और बढ़ सकती है. बीते माह 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद नफीस और उनके बेटे फिलहाल जेल में बंद हैं. इससे पहले पुलिस ने डॉक्टर नफीस के बारातघर को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्त कर दिया था. डॉक्टर नफीस की कई दुकानों को भी शासन प्रशासन ने सील कर दिया.
वक्फ संपत्तियों की जांच के दौरान साजदा ने दो महत्वपूर्ण संपत्तियों का विवरण प्रशासन के सामने पेश किया. बताया जा रहा है कि दोनों संपत्तियां बरेली शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित हैं और फिलहाल इन संपत्तियों से होने वाली आमदनी पर भी सवाल उठ रहे हैं. साजदा की शिकायत के मुताबिक, पहली संपत्ति किला थाना क्षेत्र के नीम की चढ़ाई इलाके में इमली वाली मस्जिद के पास स्थित है. यह लगभग 900 गज का मकान बताया जा रहा है, जो वक्फ की संपत्ति में दर्ज है.
इसी तरह दूसरी संपत्ति इज्जतनगर थाना क्षेत्र के परतापुर, जीवन सहाय कॉलोनी में स्थित है. यह लगभग 12 बीघा का प्लॉट है, जिस पर एक बड़ी मार्केट का निर्माण कराया गया है. बताया जा रहा है कि इस मार्केट की कई दुकानें किराये पर दी गई हैं और इन दुकानों का किराया डॉक्टर नफीस वसूलते हैं.