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Bulandshahr News Today: उत्तर प्रदेश में मुसलमानों पर अत्याचार का एक नया पैटर्न आ गया है. बीते कुछ समय से यूपी में कई जगहों पर मुस्लिम समुदाय के जरिये घर या संपत्ति खरीदने पर हिंदूवादी संगठनों का उग्र प्रदर्शन, धमकी और प्रशासन पर दबाव बनाकर परेशान करने के कई मामले सामने आए हैं. मेरठ में एक मुस्लिम शख्स के जरिये मकान लेकर डेयरी कारोबार शुरू करने पर विरोध के बाद अब बुलंदशहर में भी ऐसा ही विवाद सामने आया है. इन घटनाओं ने अल्पसंख्यक समुदाय के रहने और घर खरीदने के अधिकारों को लेकर नई बहस छेड़ दी है.
यह पूरा मामला बुलंदशहर जिले के खुर्जा नगर क्षेत्र का है. यहां हनुमान टीला, बड़ी होली और कायस्थवाड़ा इलाकों में उस समय विवाद खड़ा हो गया, जब मंदिर के सामने मौजूद एक मकान गैर समुदाय यानी मुस्लिम परिवार को बेचे जाने की जानकारी सामने आई. इसके बाद हिंदूवादी संगठनों के साथ मिलकर बहुसंख्यक समुदाय के लोगों ने कई घरों के बाहर 'घर बिकाऊ है' के पोस्टर लगा दिए.
इतना ही नहीं कुछ असामाजिक तत्वों ने मंदिर के सामने हड्डी फेंक कर मुस्लिम परिवार पर आरोप लगा दिया. हिंदूवादी संगठनों के इस कदम से अल्पसंख्यक समुदाय के लोग दहशत में आ गए. पुलिस और प्रशासन की नजर में मामला आने के बाद एसएसपी दिनेश सिंह ने जां के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे किए. उन्होंने बताया कि प्रदीप शर्मा नाम के शख्स ने अपने घर की आर्थिक जरूरतों की वजह से मकान को एक मुस्लिम परिवार बबलू सलीम को बेचा था.
एसएसपी दिनेश सिंह ने बताया कि "हालांकि, अब तक उस घर पर सलीम के परिवार ने कब्जा नहीं लिया है और प्रदीप शर्मा का परिवार ही वहां रह रहा है." सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि मंदिर के पास हड्डी फेंकी गई, जिसके चलते तनाव बढ़ा. इस पर एसएसपी ने साफ कहा कि यह आरोप झूठा और भ्रामक है क्योंकि मुस्लिम परिवार अभी वहां रहने आया ही नहीं, ऐसे में ऐसी हरकत की बात सामने आना नामुमकिन है. उन्होंने कहा कि इसकी जांच की जा रही है कि यह अफवाह किसने फैलाई.
पुलिस की समझाने के बाद स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है. एसएसपी ने बताया कि बबलू सलीम अब इस मकान को किसी भी हिंदू परिवार को दोबारा बेचने के लिए तैयार हैं और यहां रहने की इच्छा नहीं रखते. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों में बातचीत जारी है और माहौल पूरी तरह नियंत्रण में है. मामले का अपडेट देते हुए एसएसपी ने कहा कि यह सही है कि कुछ मकानों पर 'बिकाऊ' पोस्टर लगाए गए थे लेकिन अब उन्हें हटा दिया गया है.