)
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश का संभल जामा मस्जिद विवाद के बाद लगातार सुर्ख़ियों में हैं. सरकार ने यहाँ के मुसलमानों के प्रति अपनी निगाहें कड़ी कर ली है. कभी मस्जिद तो कभी मदरसे अवैध होने के इल्ज़ाम में सरकार के निशाने पर हैं. शनिवार को ही संभल के रावा बुजुर्ग स्थित गौसुलवरा मस्जिद को गिराने के आदेश दिए गए हैं. कोर्ट के सरकारी आदेश पर रोक लगाने से इनकार के बाद मस्जिद कमिटी के लोगों ने खुद ही मस्जिद को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है. इल्ज़ाम है कि मस्जिद सरकार की ज़मीन पर बिना इज़ाज़त के बनाई गई थी.
शनिवार को ही संभल के हातिम सराय सरकार ने एक और झटका दिया है. इस गाँव के लगभग 80 लोगों को सरकार ने 15 दिनों के अन्दर अपने घर खाली करने के आदेश दिए हैं. अगर 15 दिन में लोगों ने खुद मकान खाली कर सरकारी ज़मीन से अपना कब्ज़ा नहीं हटाया तो सरकार उन मकानों पर बुल्डोज़र चला देगी. इल्ज़ाम है कि हातिम सराय में 8 बीघा सरकारी तालाब पर अवैध कब्जा कर 80 से ज्यादा अवैध मकान बना लिए गए है. ये पूरा मुस्लिम मोहल्ला है. ये मकान आज से 10 साल पहले बने हैं. पूरी कालोनी आबाद है. कुछ कच्चे तो कुछ पक्के मकान बने हैं.
शनिवार को सरकार की तरफ से मकान खाली करने का नोटिस मिलने के बाद पूरे गाँव में डर का माहौल है. ठीक- ठीक कहा जाए तो हड़कंप मच गया है. खून- पसीने की कमाई से खरीदी गई ज़मीन और उसपर बनाए गए मकान पल भर में बिखर जाएंगे. गाँव वालों का आशियाना उजड़ जाएगा.
ज़मीन सरकार की है, तो बेचने के वक़्त क्यों नहीं रोका गया ?
गाँव के स्थानीय निवासी मोहम्मद जुबैर कहते हैं, " ये ज़मीन हमने दस साल पहले पैसे देकर खरीदी थी, उसके बाद घर बनाया है. सरकार ने खुद यहाँ बिजली, पानी और सड़क की सुविधाएं दी है. निवासियों को हाउसिंग टैक्स देना पड़ता है. जब लोगों ने ज़मीन खरीदी थी, तो सरकार ने खरीदारी पर टैक्स लिया था. अगर ज़मीन सरकारी थी, तो सरकार ने उस वक़्त रोका क्यों नहीं.?
तालाब की ज़मीन पर बनाए गए हैं मकान: तहसीलदार
इस मुद्दे पर तहसीलदार धीरेन्द्र प्रताप सिंह कहते हैं, " लगभग 80 मकान तालाब की ज़मीन पर बनाए गए हैं, जो अवैध निर्माण है. तालाब की ज़मीन पर किसी तरह का निर्माण कराना गैर- कानूनी है. इसपर हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के भी सख्त आदेश हैं. हो सकता है किसी भू माफिया ने इन गरीब लोगों को भ्रम में रखकर सरकारी ज़मीन बेच दी हो. लेकिन सरकार तो ज़मीन खाली करवाएगी, क्यूंकि कोई दूसरा रास्ता नहीं है."
मुस्लिम माइनॉरिटी की ऐसी ही खबरों के लिए विजिट करें https://zeenews.india.com/hindi/zeesalaam