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Quran desecration in Maharashtra: मुंबई के साकी नाका में इस्लाम की सबसे पवित्र किताब कुरान की बेअदबी के बाद इलाके में तनाव फैल गया है. तनाव कम करने के लिए और किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए पुलिस की गश्त बढ़ दी गई है. दरअसल, यहां एक आकाश नाम के युवक ने सोशल मीडिया पर फेक आईडी बनाकर पवित्र कुरान की बेहुरमती की. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके के मुस्लिम समुदाय के लोगों में काफी आक्रोश है.
कुरान की बेहुरमती के मामले में स्थानीय मुस्लिम समाज के लोगों ने भारी तादाद में इकट्ठा हो कर साकी नाका पुलिस स्टेशन पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया. साकी नाका पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की तहरीर पर मुल्जिम आकाश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया और सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया. वहीं इस घटना के बाद मुल्जिम आकाश फरार चल रहा है. हालांकि पुलिस ने आरोपी आकाश के एक भाई को गिरफ्तार किया है.
इस घटना के बाद DCP और सीनियर इंस्पेक्टर मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की. इस मामले में आगे की जांच जारी है और पुलिस आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है. इलाके में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई है.
वहीं, इस मामले पर महाराष्ट्र की राजनीतिक पारा बढ़ गई है. समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आसिम आजमी ने इस मामले की जानकारी देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. अबू आजमी ने इस पोस्ट में राज्य की भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश की. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि मुंबई के साकी नाका में कुरान शरीफ की बेहुरमती की गई. यह एक हेट क्राइम है, जिसकी पैदाइश हेट स्पीच से होती है. उन्होंने आगे लिखा कि नेताओं को देखकर सांप्रदायिक सोच रखने वाले जब मन चाहे किसी भी धर्म या धर्मगुरुओं को अपमानित कर देते हैं.
समाजवादी विधायक अबू आजमी ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि उन्होंने नफरती भाषण और धार्मिक व्यक्तित्व पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के खिलाफ कानून बनाने के लिए महाराष्ट्र असेंबली में एक बिल पेश किया है, जिसमें ऐसा करने वालों को 10 साल की सजा का प्रावधान है. लेकिन सरकार इस बिल को चर्चा के लिए ही लाने नहीं दे रही, क्योंकि इन घटनाओं से शायद सरकार को राजनीतिक फायदा होता है. यह समाजवादी पार्टी अबू आजमी का कहना है.