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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश में गौ हत्या के खिलाफ कानून बनाकर, गौ हत्या करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का प्रवधान किया गया है. लेकिन इस कानून का गलत इस्तेमाल हो रहा है और बेकसूर लोगों को फंसाया जा रहा है. इसी मामले को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने योगी सरकार को कड़ी फटकार लगाई है.
दरअसल, उत्तर प्रदेश में गौ हत्या या तस्करी के शक के आधार पर बेकसूर लोगों पर प्रशासन द्वारा मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. साथ ही राज्य में गौरक्षा के नाम पर गुंडागर्दी भी बढ़ गई है. इलाहाबाद हाई कोर्ट ने सिर्फ शक के आधार पर फर्जी FIR और मॉब लिंचिंग की घटनाओं को लेकर योगी सरकार को बहुत कड़े शब्दों में फटकार लगाई है. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के DGP और होम सेक्रेटरी को पर्सनल हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है.
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने योगी सरकार के दबाव में काम कर रहे दो बड़े अधिकारियों DGP और होम सेक्रेटरी को चेतावनी दी है कि अगर नवंबर तक पर्सनल हलफनामा दाखिल नहीं किया गया तो दोनों को कोर्ट में तलब किया जा सकता है,
गोहत्या विरोधी कानून के तहत बेमतलब की FIR दर्ज होने पर हाई कोर्ट ने कहा कि इन नियमों का इस्तेमाल पूरे राज्य में लोगों के खिलाफ बिना वजह किया जा रहा है. कोर्ट ने राज्य में गौरक्षा के नाम पर बढ़ती गुंडागर्दी पर भी चिंता जताई. कोर्ट ने पुलिस डायरेक्टर जनरल (DGP) और प्रिंसिपल होम सेक्रेटरी को निर्देश दिया कि वे नवंबर तक इस बात की जानकारी दें कि शक के आधार पर बेमतलब की FIR दर्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी.
गौरतलब है कि गौ तस्करी के नाम पर देश के कई राज्यों में मुस्लिम व्यक्तियों की मॉबलिंचिंग की जा रही है. आए दिन मॉब लिंचिंग की खबरे सामने आती है. कई मामलों में पुलिस मौके पर मौजूद रहती है और मूकदर्शक बनकर मॉबलिंचिंग होते हुए रहती देखती है.