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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के हज यात्रियों के लिए समाजवादी सरकार ने अपने कार्यकाल में गाजियाबाद में हज हाउस बनवाया था. अब खबर है कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार इस हज हाउस को गेस्ट हाउस के रूप में तब्दील करने जा रही है. इस फैसले से मुस्लिम समाज के लोग नाखूश हैं.
दरअसल, उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में आला हजरत हज हाउस बनवाया गया था, जिसमें हज के लिए जाने वाले जायरीन ठहरते थे. यहां उनके टिकाकरण और स्वास्थ्य जांच की पूरी सुविधा थी. अब इस हज हाउस पर अल्पसंख्यक विभाग ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसके आधार पर योगी सरकार इस हज हाउस को गेस्ट हाउस में बदलने की योजना बना रही है.
अल्पसंख्यक विभाग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि गाजियाबाद स्थित आला हजरत हज हाउस की स्थिति जर्जर हो चुका है और मौजूदा वक्त में इस इमारत का इस्तेमाल नहीं हो रहा है. इस हज हाउस के सामने एक गार्ड की ड्यूटी है, लेकिन हज हाउस की लाइटें चोरी हो चुकी हैं. साथ ही हज हाउस की शीशे और गेट टूट गई हैं.
अब योगी सरकार इस हज हाउस का पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के तहत सौंदर्यीकरण करवाना चाहती है. इसके बाद यह इमारत एक गेस्ट हाउस बन जाएगा, जिसमें एक कार्यक्रम करने के लिए 3 से 4 लाख रुपये देने होंगे. अल्पसंख्यक विभाग का आंकलन है कि इससे उन्हें काफी फायदा होगा. लेकिन मुस्लिम समाज में इस फैसले को लेकर नाराजगी है. उनका कहना है कि जनता की टैक्ट से बना हज हाउस अब गेस्ट हाउस बन जाएगा. साथ ही उसमें ठहरने के लिए भारी रकम चुकाने होंगे.
गौरतलब है कि गाजियाबाद स्थित हज हाउस की नींव मुलायम सिंह की सरकार ने वर्ष 2005 में रखी थी और वर्ष 2016 में अखिलेश यादव की सरकार में इस हज हाउस का उद्घाटन हुआ था. यह हज हाउस 7 मंजिला है, जिसमें 1,886 हज यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है.