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नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में सूदखोरों के जुल्म और ज्यादती से परेशान होकर एक नौजवान ने जहर खाकर ख़ुदकुशी कर ली है. बताया जा रहा है कि 28 वर्षीय मुबाशिर ने सूदखोर से 50 हज़ार रुपये ब्याज पर लिए थे, जिसके सूद समेत 70 हज़ार रुपये हो गए थे. मुबाशिर ने 70 हज़ार की ये रकम लौटा भी दिए थे, लेकिन इसके बावजूद सूदखोर ने उसपर 1 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया था. इसी बात से परेशान होकर नौजवान ने खौफनाक कदम उठाते हुए जहर खाकर ख़ुदकुशी कर ली.
दरअसल, मुजफ्फरनगर जिले में के खतौली कोतवाली इलाके के मोहल्ला इस्लामनगर के रहने वाले अजीम के एक 28 वर्षीय बेटे मुबाशिर ने गुजिश्ता 20 अक्टूबर को जहर खाकर अपनी जान देने की कोशिश की थी. आनन-फानन में उसके परिजनों ने उसे बेहोशी की हालत में बेगराजपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया था. लेकिन इलाज के दौरान मंगलवार को उसकी मौत हो गई.
मुबाशिर के घर वालों ने बातया कि मुबाशिर ने आवास विकास कॉलोनी में रहने वाले रौशन पंडित नाम के एक शख्स से 50 हज़ार रुपये ब्याज पर लिए थे. मुबाशिर के पिता अजीम का इल्ज़ाम है कि इसकी 50 हजार बेयाज़ के एवज में उनका बेटा सूदखोरों को 70 हज़ार रुपये लौटा चुका था. लेकिन इसके बावजूद भी उस पर 1 लाख रुपये और देने का दबाव बनाया जा रहा था. इसी बात से परेशान होकर मुबाशिर ने जहर खाकर ख़ुदकुशी कर ली. मृतक मुबाशिर का मंगलवार को गमगीन माहौल में दफना दिया गया. मृतक के पीछे अपनी तीन मासूम संतान और पत्नी को छोड़ गया है.
इस मामले में एसपी सिटी मुजफ्फरनगर सत्यनारायण प्रजापती ने कहा है कि मृतक नौजवान के पिता अजीम की शिकायत पर सूदखोर रौशन पंडित और उसके दो दीगर साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है.
वहीँ, इस घटना ने बड़ा सवाल छोड़ दिया है कि सूदखोरों के खिलाफ आखिर प्रशासन क्यों नहीं कार्रवाई करती है, जबकि निजी तौर पर ब्याज का कारोबार कानून जुर्म है?
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