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Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद के सोरांव इलाके में पुलिस और गौतस्करों के बीच मुठभेड़ हुई है. इस मुठभेड़ में एक कथित गौतस्कर तबरेज की पैर में गोली लगी, जबकि दूसरा मुल्जिम अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकाला. कथित गौतस्कर तबरेज को घायल अवस्था में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
पुलिस और कथित गौतस्तक के बीच मुठभेड़ की घटना बीते बुधवार की रात में हुई, जब सोरांव इलाके में पुलिस टीम चेकिंग कर रही थी, तभी रिंग रोड पर बाइक सवार कथित गौतस्कर को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया, लेकिन कथित गौतस्करों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. वहीं, पुलिस ने भी कथित गौतस्करों पर फायरिंग की, जिसमें तबरेज को गोली लगी और वह घायल हो गया.
इस मामले पर गंगा नगर के DCP कुलदीप सिंह गुणावत ने बताया कि कथित गौतस्कर तबरेज के खिलाफ कुछ दिनों पहले भी सोरांव थाने में गौतस्करी के इल्जाम में एक FIR दर्ज हुई थी, मामले में वह वांछित चल रहा था, वहीं मुठभेड़ में गिरफ्तार मुल्जिम तबरेज के खिलाफ पूर्व में भी 8 मामले दर्ज हैं. इस मामले में अभी सिर्फ पुलिस की तरफ से अपना पक्ष रखा गया है और तबरेज पर गौतस्करी का इल्जाम लगाया गया है. बता दें कि मुल्जिम तबरेज या उसके परिवार वालों की तरफ से इस मामले पर अभी कोई बयान सामने नहीं आया है.
गौरतलब है कि भारत के कई राज्यों में गोकशी के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और गोकशी पर प्रतिबंध लगाए गए हैं. वहीं, कई राज्यों में गौरक्षा के नाम पर गोरक्षक दलों ने दहशत का माहौल बना दिया है. गोकशी या गौतस्करी के इल्जाम में कई मुस्लिम युवकों की मॉब लिंचिंग की घटनाएं हो चुकी है. सवाल यह उठ रहा है कि जब गोकशी के खिलाफ कानून है तो गोरक्षा दल के लोग खुद को ही पुलिस मान कर खुलेआम गुंडागर्दी क्यों करते हैं. कानून को लागू करवाने का काम और अपराध रोकने की काम पुलिस का है.