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Uttar Pradesh News Today: उत्तर प्रदेश में मोहम्मद आजम खान का शुमार तेजतर्रार सियासी दिग्गजों में होता है. आजम खान हालिया दिनों कई मामलों में जेल से लगभग 34 महीने बाद बाहर आए. उनके बाहर आते ही प्रदेश में सियासी पारा हाई हो गया और कई तरह की अटकलें लगाई जाने लगी हैं. सपा के सीनियर नेता पर अभी भी कई मुकदमें दर्ज हैं, जिसकी सुनवाई कोर्ट में लगातार हो रही है. भड़काऊ भाषण से जुड़े एक मामले की मंगलवार (11 नवंबर) को कोर्ट में सुनवाई हुई.
इस मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव मोहम्मद आजम खान एक बार फिर जेल जाने से बच गए हैं. भड़काऊ भाषण मामले में अदालत ने उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया है. कोर्ट के इस फैसले से आजम खान और परिवार ने राहत की सांस ली है. बता दें, आजम खान के खिलाफ भड़काऊ भाषण मामले में सिविल लाइंस कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था. इससे आजम खां को बड़ी राहत मिली है. उनके खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में भड़काऊ भाषण का केस दर्ज किया गया था.
इस केस में पिछले दिनों दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी. एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सबूतों के अभाव में आजम खान को आरोपों से दोषमुक्त करते हुए जांच अधिकारी (विवेचक) के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए हैं. कोर्ट से बरी होते ही आजम खां ने शुक्रिया अदा किया. उन्होंने कहा कि वह अभी पहले केस में बरी हुए हैं.
आजम खान 2019 के लोकसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी थे. इस दौरान उन्होंने 23 अप्रैल 2019 को सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र में एक चुनावी सभा की थी. इसके अगले दिन यानी 24 अप्रैल 2019 को तत्कालीन एसडीएम सदर और सहायक रिटर्निंग अधिकारी प्रेम प्रकाश तिवारी ने सिविल लाइंस कोतवाली में आजम खान के खिलाफ केस दर्ज कराया था.
एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि चुनावी सभा के दौरान आजम खान ने चुनाव आयोग पर तीखी टिप्पणी की. इतना ही नहीं उन्होंने मतदाताओं को उकसाया. इसी मामले की जांच और कोर्ट में सुनवाई हो रही है. पुलिस ने मामले की जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया. इस केस की सुनवाई एमपी–एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में हुई. दोनों पक्षों की बहस पहले ही पूरी हो चुकी थी.
मंगलवार को यह केस फैसले के लिए सूचीबद्ध था, जिसके चलते आजम खां खुद कोर्ट पहुंचे. कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए साक्ष्यों की कमी के आधार पर उन्हें बरी कर दिया. अदालत ने साथ ही जांच में लापरवाही बरतने को लेकर जांच अधिकारी पर कार्रवाई करने के भी आदेश दिए हैं.
आजम खान करीब तीन साल तक जेल में रहे. सितंबर के आखिरी हफ्ते में उन्हें सभी मामलों में जमानत मिली, जिसके बाद वह जेल से बाहर आ सके थे. उन पर दर्जनों मामले दर्ज हैं और अलग-अलग अदालतों में मुकदमों की सुनवाई चल रही है. कई मामलों में उन्हें सजा भी हो चुकी है. यह पहला मामला है, जिसमें आजम खां को पूरी तरह बरी किया गया है.
आजम खान को भड़काऊ भाषण केस में कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. साक्ष्यों के अभाव में बरी करते हुए अदालत ने जांच अधिकारी पर भी कार्रवाई के आदेश दिए. हालांकि, उन पर कई अन्य मामलों की सुनवाई अभी जारी है. यह उनके लिए पहली बड़ी कानूनी जीत है.