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Uttarakhand News Today: उत्तराखंड में 30 अप्रैल से चारधाम यात्रा फिर से शुरू हो रही है. चारधाम यात्रा में शामिल होने के लिए देश विदेश से श्रद्धालु ऋषिकेश पहुंचने लगे हैं. इस बीच चारधाम यात्रा में गैर हिंदुओं खास तौर से मुसलमानों के एंट्री पर बैन की मांग एक बार फिर से जोर पकड़ने लगी है. ऋषिकेश पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने पहलगाम की घटना का हवाला देते हुए चारधाम में मुस्लिम समुदाय के एंट्री पर हर हाल में बैन लगाने की मांग की है.
हालांकि कई श्रद्धालु मुसलमानों के चारधाम यात्रा में एंट्री देने को लेकर काफी सकारात्मक हैं. उन्होंने एंट्री के लिए वेरिफिकेशन को जरुरी बताया. इसके उलट कुछ महिला श्रद्धालुओं का कहना है कि चारधाम में मुस्लिम की एंट्री पर बैन होना चाहिए और समुदाय विशेष के घोड़े वाले भी हटाए जाने चाहिए. यह काम हिंदुओं को दिया जाना चाहिए.
चारधाम यात्रा पर मुस्लिम समुदाय की एंट्री को लेकर हो रहे विवाद पर टिहरी में भी लोगों मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है. हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि धार्मिक क्षेत्र में हिंदू संस्कृति को बिगाड़ने वाले ओर शांति को भंग करने वाले लोगों की एंट्री बंद होनी चाहिए.
दूसरी तरफ मु्स्लिम समुदाय के लोगों का तर्क है कि धार्मिक स्थल सभी लोगों के आस्था का केंद्र है, लेकिन आस्था को ठेस पहुंचाने वाले लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए और एंट्री करने वाले लोगों की सरकार के जरिये वेरिफिकेशन होनी चाहिए.
देवभूमि के नाम से मशहूर उत्तराखंड के चमोली बद्रीनाथ धाम में मुस्लिम समुदाय के व्यवसाय को लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताया है. उन्होंने धमकी दी है कि बद्रीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री में मुस्लिम समुदाय के लोगों को व्यवसाय नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने मांग की कि इन चारों धामों में स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए.
कुछ लोगों ने सलाह दी कि स्थानीय निवासियों को होटल, घोड़े-खच्चर और अन्य व्यवसायों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उनका आरोप है कि बाहरी लोगों को व्यवसाय करने की इजाजत दी जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को काम नहीं मिल रहा है. उन्होंने सरकार से मांग की कि स्थानीय बेरोजगार युवाओं को घोड़े-खच्चर के लिए सब्सिडी पर लोन दिया जाए और उन्हें प्रोत्साहित किया जाए.
बातचीत के दौरान कुछ स्थानीय निवासियों ने दावा किया कि केदारनाथ में बाहरी लोगों के घोड़े-खच्चर चलाए जा रहे हैं और जिससे स्थानीय लोगों को काम नहीं मिल रहा है. उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार को पता होना चाहिए कि केदारनाथ में चलने वाले घोड़े खच्चर किसके हैं और क्यों सैकड़ों घोड़े एक ही आदमी के नाम पर दर्ज हैं. उनका आरोप है कि बाहरी लोग स्थानीय लोगों को मोटा पैसा देकर उनके नाम से व्यवसाय कर रहे हैं.
बुधवार (30 अप्रैल) से शुरु हो रहे चारधाम यात्रा में गैर हिंदुओं के एंट्री की मांग वाले बयानों पर स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोगों ने नाराजगी जाहिर की. उन्होंने इस तरह के बयानों को गैर जिम्मेदाराना बताया है. मुस्लिम समुदाय का कहना है कि यह उनकी सोच हो सकती है. भारत देश गंगा जमुनी तहजीब वाला देश है. यहां पर सभी लोग एकदूसरे के धर्म का सम्मान करते हैं और हमेशा भाईचारे से रहते आ रहे हैं. उन्होंने कहा कि चारधाम के यात्रियों का हम तहेदिल स्वागत करते हैं और हिंदू मुस्लिम को लेकर होने वाली बयानबाजी से बचना चाहिए.
हालिया दिनों साध्वी प्राची ने भी मुस्लिम समुदाय के चारधाम में एंट्री पर बैन लगाने की मांग की, जिसका कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन ने समर्थन किया. मुरादाबाद में बातीचत के दौरान उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी की जमकर तारीफ की, लेकिन इसके उलट उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सपा सुप्रीम अखिलेश यादव, आरजेडी प्रमुख तेजस्वी यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर जुबानी हमला बोला.
कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णन ने कहा, "राहुल गांधी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादवके मुकाबले असदुद्दीन ओवैसी अच्छे हैं." उन्होंने आरोप लगाया कि "सांसद असदुद्दीन ओवैसी को हिंदू और हिंदुत्व से नफरत है, लेकिन वह हिंदुस्तान के साथ हैं. जबकि राहुल गांधी और अखिलेश यादव हिंदुत्व और हिंदुस्तान दोनों के खिलाफ हैं."
पहलगाम आतंकी हमले को लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णन गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, "राहुल गांधी इस हमले को इस्लामिक कट्टरपंथी कहने को तैयार नहीं है, उनसे कैसे उम्मीद करें कि वो हिंदुस्तान के समर्थन में है." उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी, अखिलेश यादव और तेजस्वी यादव उन नेताओं में से हैं, जो खुलकर पाकिस्तान का साथ नहीं दे रहे, लेकिन छुप छुपकर पाकिस्तान का साथ दे रहे हैं. यह दुर्भाग्यपूर्ण है जो हिंदुस्तान,पीएम मोदी और योगी को गाली देगा, राहुल अखिलेश उनको अपनी गोदी में बैठाते हैं.
मुरादाबाद पहुंचे आचार्य प्रमोद कृष्णन ने साध्वी प्राची के बयान का समर्थन करते हुए कहा, "भारत में रहने वाला हर व्यक्ति सनातनी है और भगवान सबका है और सब भगवान के हैं." उन्होंने आगे कहा, "इन मंदिरों मंदिरो और धामों मे वही व्यक्ति जाने चाहिए जिनकी श्रद्धा मंदिरों और धाम में है,किसी की श्रद्धा मंदिर और धाम में नहीं है तो उन्हें खुद बचना चाहिए."