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Dehradun News: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में धामी सरकार के निर्देश पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक कथित अवैध मजार को ध्वस्त कर दिया. यह कार्रवाई शहर की वीआईपी और पॉश मानी जाने वाली यमुना कॉलोनी में की गई, जहां सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें लगातार मिल रही थीं. स्थानीय निवासियों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मजार का निर्माण किया गया है. शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें जमीन पर अतिक्रमण की पुष्टि होने के बाद कार्रवाई का फैसला लिया गया.
प्रशासन ने कार्रवाई से करीब एक महीने पहले संबंधित पक्ष को नोटिस जारी किया था. नोटिस में अवैध निर्माण को स्वयं हटाने के लिए समय दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर निर्माण नहीं हटाया गया. इसके बाद प्रशासन ने बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी. नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी आशीष चौहान के निर्देश पर सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है. इसी अभियान के तहत नगर निगम, सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने देर रात कार्रवाई को अंजाम दिया. कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके. प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई.
अधिकारियों के मुताबिक, ध्वस्तीकरण के दौरान मौके से किसी भी प्रकार के मानव अवशेष या धार्मिक अवशेष नहीं मिले. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के उद्देश्य से बनाए गए किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी.
उत्तर प्रदेश में भी मस्जिद पर चला बुलडोजर
गौरतलब है कि उत्तराखंड समेत कई राज्यों में सरकारी जमीनों पर अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है. राज्य के कई ज़िलों में कथित तौर पर अवैध मजारों और मस्जिदों के खिलाफ बुलडोजर की कार्रवाई की गई है. कई मदरसों को सील कर दिया गया है. इसी बीच, पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश के कई ज़िलों में भी कथित अवैध मज़ारों और मस्जिदों के खिलाफ ऐसी ही बुलडोज़र कार्रवाई हुई है. हाल ही में संभल ज़िले में एक मजार और मस्जिदों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई की गई.