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Uttarakhand News: उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई में भारतीय जनता पार्टी की सरकार चल रही है. लगातार मदरसों और मस्जिदों की वैधता की जांच और बुलडोजर कार्रवाई करने वाले अभियान के बाद अब प्रदेश में फ्रॉड बाबाओं की जांच करके कार्रवाई की जा रही है. इसी कड़ी में उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) नीलेश आनंद भरणे ने बीते रविवार (7 सितंबर) को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस अभियान के तहत हो रही कार्रवाई पर विस्तृत जानकारी दी.
दरअसल, उत्तराखंड में फ्रॉड बाबाओं के खिलाफ, जबरन धर्मपरिवर्तन करवाने वाले मौलानाओं के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि चलाया जा रहा है. उत्तराखंड के पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) नीलेश आनंद भरणे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि धोखाधड़ी और धर्म परिवर्तन में कथित रूप से शामिल फर्जी 'बाबाओं' को पकड़ने के लिए उत्तराखंड सरकार की तरफ से चलाए गए ऑपरेशन कालनेमि के तहत अब तक चौदह लोगों को गिरफ्तार किया गया है.
पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि 'ऑपरेशन कालनेमि' के तहत पुलिस ने उत्तराखंड में 5,500 से ज़्यादा लोगों से पूछताछ की है, जिनमें से 1,182 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई. वहीं, 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया. उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए लोगों में एक बांग्लादेशी नागरिक भी है, जो अपनी पहचान छिपाकर भारत में रह रहा था.
पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक
उन्होंने बताया कि पुलिस टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, नैनीताल और अन्य जिलों में भी कार्रवाई कर रही है. पुलिस महानिरीक्षक भरणे ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य "देवभूमि की पवित्र छवि" को बनाए रखना है. पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस अभियान के तहत गिरफ्तार किए गए लोगों में एक बांग्लादेशी नागरिक है जो पिछले आठ सालों से फर्जी दस्तावेजों की मदद से सेलाकुई में बंगाली डॉक्टर अमित कुमार के रूप में रह रहा था.
धर्म छिपाकर रह रहा था इफराज, पुलिस ने दबोचा
पुलिस महानिरीक्षक नीलेश आनंद भरणे ने बताया कि इस अभियान के तहत कश्मीर के अनंतनाग निवासी इफराज अहमद लोलू को सेलाकुई से अपना धर्म छिपाकर दिल्ली के एक अमीर आदमी 'राज आहूजा' बनकर महिलाओं के साथ संबंध बनाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया.