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Uttarakhand News Today: प्राकृति की गोद में बसा उत्तराखंड के अलग-अलग जगहों पर हर साल देश दुनिया से बड़ी संख्या में लोग घूमने और बेहतर रोजगार की तलाश में सफर करते हैं. वहीं, अब उत्तराखंड पुलिस की कार्रवाई को लेकर दूसरे प्रदेशों से आने वाले लोगों के साथ- साथ टूरिस्टों में भी दहशत है. भारत के दूसरे राज्यों से उत्तराखंड आने वाले लोगों की ऐसे जांच की जाती है, जैसे वह भारत से नहीं बल्कि विदेश में आए हैं.
उत्तराखंड में दूसरे राज्यों से आए लोगों का लगातार सत्यापन किया जा रहा है. दावा किया जा रहा है कि सत्यापन अभियान की वजह से हल्द्वानी शहर को छोड़कर पिछले 15 दिनों के अंदर कुछ लोग रहस्यमय ढंग से गायब हो गए हैं या जा चुके हैं. पुलिस प्रशासन खासकर मुस्लिम इलाकों को संवेदनशील मानते हुए गहनता से जांच कर रही है. इसकी कई वीडियो भी सामने आई है.
इसके अलावा दूसरे राज्यों से उत्तरखंड का रुख करने वाले मजदूर, दुकानदारों की भी जांच की जा रही है. यह तस्वीरें देखकर उत्तराखंड पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े होने लगे हैं. हलद्वानी शहर में बीच चौराहे पर दूसरे राज्यों के मजदूर और निचले तबके के लोगों को पुलिस फोर्स घेरकर उनकी आईडी चेक कर रही है, जबकि कई जगहों पर मुस्लिम मोहल्लों और उनके घरों में घुसकर पुलिस को पूछताछ करते हुए देखा जा सकता है.
आईडी वेरिफिकेशन को लेकर नैनीताल एसएसपी पी एन मीणा ने बताया कि पिछले एक महीने के अंदर नैनीताल जिले में करीब 20 से 25 हजार बाहरी लोगों का सत्यापन किया जा चुका है. कुछ लोगों के पास फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं, इसको लेकर एफआईआर दर्ज की जा रही है. उन्होंने कहा कि सत्यापन अभियान की तेजी को देखते हुए कई लोग शहर छोड़कर गायब हो चुके हैं, जो लोग शहर छोड़कर गायब हुए हैं. उनके मकान मालिक से पूछताछ की जा रही है कि उनका हल्द्वानी शहर में आने का मकसद क्या था? कुछ वेरिफिकेशन के मामलों में जांच चल रही है,
नैनीताल के अलावा हल्द्वानी में भी बड़े स्तर पर दूसरे राज्यों से आने लोगों की खासकर मुसलमानों का वेरिफिकेशन किया जा रहा है. हल्द्वानी सीओ नितिन लोहानी ने बताया कि वनभूलपुरा और राजपुर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर वेरिफिकेशन किया जा रहा है. राशन कार्ड, आधार कार्ड, प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत भी लोगों का सत्यापन किया जा रहा है.
उत्तराखंड के अलग-अलग शहरों में दूसरे शहरों से आए लोगों की जांच के बाद दस्तावेजों में मामूली त्रुटि के बाद उनका कनेक्शन और मकसद खंगाला जा रहा है. हल्द्वानी शहर में पिछले दिनों जो वेरिफिकेशन हुआ उसमें बाहरी लोगों का खासकर पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद और हुबली से कनेक्शन जोड़ा जा रहा है. इस तरह की कार्रवाई की वजह से बड़ी संख्या में लोग हल्द्वानी समेत दूसरे शहरों से पलायन कर चुके हैं.
समुदाय विशेष से ताल्लुक रखने वाले इन सभी लोगों के कनेक्शन और उनकी फंडिंग की जांच की जा रही है. पूरी वेरिफिकेशन ड्राइव सवालों के घेरे में है, इसकी वजह यह है कि रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में यहां का रुख करने वाले लोगों को भारत में दोयम दर्जे का नागरिक होने का एहसास कराया जा रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो से बाहरी राज्यों से आए लोगों के दर्द को समझा जा सकता है.