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नई दिल्ली: भाजपा शासित राज्यों में मुसलमानों का आर्थिक बहिष्कार लगातार जारी है. मांस की दुकान वाला, होटल वाला, फल बिक्रेता, सब्जी बिक्रेता, जूस बेचने वाला, दर्जी, फेरीवाला, मेहँदी लगाने वाला, मजदूर, जिम चलाने वाला, जिम ट्रेनर, इलेक्ट्रीशियन, मेकैनिक, डिलेवरी बॉय, ड्राईवर, और सेल्समैन के बाद अब नाई की दुकान चलाने वाले लोग इनके निशाने पर हैं.
इल्ज़ाम है कि यूनिसेक्स सैलून संचालक लव जिहाद करते हैं. इस कारोबार की आड़ में हिन्दू लड़कियों का ब्रेन वाश कर उन्हें मुसलमान बनाते हैं. उनके साथ शादी कर उनका धर्म परिवर्तन कराते हैं.
ताज़ा विरोध- प्रदर्शन देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड में शुरू हुआ है. ऋषिकेश जिले में यूनिसेक्स सैलून का विरोध हो रहा है. गुरुवार को तिलक रोड स्थित एक ऐसे ही सलून की ओपनिंग से पहले हिंदू संगठनों ने उसके विरोध में हल्ला बोल दिया. धरना-प्रदर्शन होने पर संचालक सलून बंद कर चला गया. हिंदू संगठन ने इल्ज़ाम लगाया कि यूनिसेक्स सलून में अनैतिक गतिविधियों होती हैं.
हिन्दू शक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रघुवेंद्र भटनागर ने कहा, "ऐसे सलून में काम करने वाले समुदाय विशेष के लड़के सनातनी महिलाओं के नंबर लेकर उनका ब्रेनवाश करते हैं. फिर उन्हें अपनी जिहादी बातों में फंसाकर उनके साथ फरार हो जाते हैं."
रघुवेंद्र भटनागर ने कहा कि इस सलून में जयादातर मुसलमान लड़के काम करते हैं, और यहाँ काम करने के लिए हिन्दू लड़कियों को रखते हैं. उन्हें भी ये फंसा लेते हैं. ये अपनी घरों की लड़कियों और महिलाओं को क्यों नहीं काम पर रखते हैं. हमारे घरों की बहु- बेटियां इनके पास क्यों जायेगी?
रघुवेंद्र भटनागर का दावा है कि इस तरह के कई मामले उत्तराखंड में सामने आ चुके हैं. इसलिए इन सलून को बंद करना हिंदू संगठनों की मजबूरी हो गई है. अगर इस चेतावनी के बावजूद सलून बंद नहीं होते हैं, तो हिंदू शक्ति संगठन सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगा.
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वहीँ, स्वाभिमान मोर्चा के सुधीर रॉय का कहना है कि हमारे प्रदेश में हर जगह मुसलमान अपना कारोबार करते हैं, और हम उनका विरोध भी नहीं करते हैं. लेकिन इस तरह का जो काम है उसमें हमारे घर की बहु- बेटियां जाती है. इसलिए गैर- सनातनी को इस तरह का काम नहीं करने दिया जाना चाहिए. बाहर से आने वाले ऐसे लोगों का वेरिफिकेशन होना चाहिए. अगर वह गलत मंशा से आ रहे हैं, तो उन्हें यहाँ आने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए. ये काम सरकार को करना चाहिए, जहाँ सभी लेयर पर सनातनी लोग बैठे हुए हैं.
इधर, बारबर एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद कुमार चंदेल ने भी साफ कर दिया है कि वह यूनिसेक्स सलून को शहर में नहीं खुलने देंगे. उन्होंने कहा कि वह संचालकों से निवेदन करेंगे कि जितने भी यूनिसेक्स सलून सालों से चल रहे हैं, उसे भी बंद कर दिया जाए. यहाँ तक कि वह अपना यूनिसेक्स सलून भी बंद करने जा रहे हैं. ऐसा वो किसी के दबाव में करने जा रहे हैं या उन्हें भी हिन्दू संगठनों के आरोपों में कोई सच्चाई दिख रही है, चंदेल ने ये साफ़ नहीं किया है.
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