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Varanasi Imambara: वाराणसी में एक इमामबाड़े पर नगर निगम ने अपना दावा ठोका है. लेकिन, 500 साल पुराने इस इमामबाड़े का कनेक्शन एक नवाब परिवार से है, जिन्होंने इसे शिया वक्फ बोर्ड को दिया था. ये इमामबाड़ा शहर के दुर्गाकुंड इलाके में मौजूद है, जिसको लेकर भारी बवाल मचा हुआ है. एक तरफ नगर निगम इसे अवैध बता रही है, वहीं मुस्लिम समुदाय इसे वक्फ की जमीन बता रहा है.
यह इमामबाड़ा नवाब विलायती का है, जिनका कनेक्शन अवध के नवाब खानदान से है. खास बात यह है कि इसके मुतवल्ली हमेशा इसी परिवार से होते आए हैं. मौजूदा वक्त पर इसके मुतवल्ली 'प्यारे' हैं, जिन्होंने बताया कि नगर निगम का दावा गलत है, यह उनकी (नगर निगम) जमीन नहीं है. इसे उनके परिवार ने शिया वक्फ बोर्ड को दिया था. उन्होंने कहा कि वह इस साइट के कागज़ात को 21 अगस्त तक पेश करेंगे.
लोगों का कहना है कि 1979 में भी इस इमामबाड़े को नगर निगम की टीम के जरिए यहां से हटाने की कोशिश की जा चुकी है. लेकिन, उस वक्त एक हादसे के बाद यह कैंपेन ठंडे बस्ते में चला गया था. अब एक बार फिर नगर निगम ने ऑपरेशन को तेज किया है.
वाराणसी नगर निगम के पीआरओ संदीप श्रीवास्तव ने जानकारी दी है कि नगर निगम की जमीन पर वक्फ के जरिए कब्जा का मामला सदन में उठाया गया था. जिसके बाद अफसरों को जांच के आदेश दिए गए. सबसे पहले दुर्गाकुंड में मौजूद इमामबाड़े में 240 वर्ग मीटर जमीन पर कब्जा का मामला सामने आया. उन्होंने आगे कहा कि इस मामले में संज्ञान लिया गया है. अगर इमामबाड़े के मुतवल्ली के जरिए इससे जुड़े कागजात पेश नहीं किए गए तो आगे की कार्रवाई की जाएगी.
बता दें, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में अवैध मदरसों, मस्जिदों और मजारों के खिलाफ लगातार एक्शन लिए जा रहे हैं. बीते रोज मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से भी ऐसा ही मामला सामने आया. जहां दो मस्जिदों को निगम के जरिए हटाने की बात की गई है.