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Varanasi News Today: धर्म और सांस्कृतिक नगरी के नाम से मशहूर वाराणसी में सालों पुराने इमामबाड़े को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. यह इमामबाड़ा वाराणसी के दुर्गा कुंड इलाके में है. बीते दिनों हिंदूवादी संगठनों ने यहां एक कुआं होने का दावा करते हुए जमकर हंगामा किया था. वहीं, अब इमाबाड़े के अहाते में कुएं की मौजूदगी की खबर ने हलचल मचा दी है.
कुएं की खबर के बाद हिंदूवादी संगठनों की सरगर्मियां बढ़ गई हैं. इस पूरे मामले में नगर निगम के जनसंपर्क विभाग ने कहा है कि सिटी मजिस्ट्रेट की हिदायत पर रिकार्ड की गहन छानबीन की जा रही है. इससे पहले नगर निगम वाराणसी की ओर से 18 अगस्त को जारी नोटिस में दुर्गा कुंड क्षेत्र की भूमि संख्या 2342 को निगम की संपत्ति बताई गई थी. इस जमीन 240 वर्ग मीटर में फैली है.
मिली जानकारी के मुताबिक, आरोप है कि कुछ लोगों ने कथित तौर पर इस जमीन पर अवैध कब्जा कर इमामबाड़ा बना दिया है. जब नगर निगम की टीम ने यहां बैरिकेडिंग का काम शुरू किया तो कुछ लोगों ने विरोध इसका पुरजोर विरोध किया. विरोध करने वाले ने प्रशासन के सामने जमीन की मालिकाना हक का दावा पेश किया.
मामले तूल पकड़ता देख कर अधिकारी हरतक में आ गए. इस पर एडीएम सिटी ने मौके पर मौजूद नायब तहसीलदार को आदेश दिया कि वे संबंधित पक्ष से जमीन की मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेज हासिल करें, उनकी जांच करें और रिपोर्ट सौंपें. फिलहाल इस मामले से संबंधित रिकार्ड की जांच जारी है और दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पर अड़े हुए हैं. विवाद के चलते इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.
सोमवार को सिटी मजिस्ट्रेट की टीम निरीक्षण के लिए इमामबाड़े पहुंची, जहां मुतवली ने ढके हुए हिस्से से पर्दा हटाया और एक प्राचीन कुआं दिखाई दिया. कुएं की बनावट और ईंटें इसकी पुराने और ऐतिहासिक होने की ओर इशारा करते हैं. हिंदू पक्ष का दावा है कि यह कुआं पहले से मौजूद था और इसे ढककर इमामबाड़ा बनाया गया. इन दावों के बाद प्रशासन ने पुराने दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी है.
दक्षिणपंथी विचाराधारा वाले इतिहासकारों का मानना है कि यह कुआं क्षेत्र की प्राचीन जल प्रणाली और सामाजिक जीवन से जुड़ा हो सकता है. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इमामबाड़े में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. प्रशासन अब इस कुएं के ऐतिहासिक महत्व और भूमि विवाद से जुड़े पहलुओं की गहन जांच कर रहा है.