Dalmandi Bulldozer Action: वाराणसी के दालमंडी में हो रही रात की बुलडोजर कार्रवाई ने मुस्लिम व्यापारियों और स्थानीय परिवारों में दहशत पैदा कर दी है. मकान गिराए जाने और अल्टीमेटम ने तनाव बढ़ा दिया है. व्यापारियों की 'अधिकारियों को चिन्हित' करने की चेतावनी से हालात और संवेदनशील हो गए हैं. परेशान मुस्लिम परिवारों पर कड़ाके की ठंडक में बेघर होने का खतरा सता रहा है.
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Varanasi News Today: वाराणसी का शुमार दुनिया के सबसे पुराने शहरों में होता है. दुनियाभर में यह धर्म की नगरी के नाम से मशहूर है. यह शहर हिंदू मुस्लिम भाईचारा और बनारसी तहजीब के लिए पूरी दुनिया में मशहूर है. हालांकि, बीते कुछ दिनों से वाराणसी के दालमंडी इलाके के मुसलमान दहशत में हैं और इसकी वजह है प्रशासन. जिला प्रशासन ने मुस्लिम बाहुल दालमंडी इलाके से दुकानों और घरों को तोड़ रही है.
आलम यह है कि वाराणसी के दालमंडी क्षेत्र में ध्वस्तीकरण की लगातार हो रही कार्रवाई को लेकर तनाव बढ़ गया है. स्थानी लोग इस कार्रवाई से परेशान हैं और कई परिवार ठंडक में बेघर होने की नौबत आ गई है. लगातार हो रही तोड़-फोड़ से मुस्लिम व्यापारियों में भारी नाराजगी है. व्यापारियों ने आरोप लगाया है कि प्रशासन रात के समय ध्वस्तीकरण करा रहा है और लोगों को डरा-धमकाकर मकान खाली करवाए जा रहे हैं.
इसी नाराजगी में व्यापारियों ने अधिकारियों के नाम 'चिन्हित' करने की चेतावनी दी है, जिसके बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है. प्रशासन की ओर से दालमंडी में लगातार मुनादी कराई जा रही है. अब तक कुल 6 मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है. व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को दुकानें और मकान कल तक खाली करने का अल्टीमेटम दिया गया है. इसके बाद कार्रवाई और तेज होने की संभावना जताई जा रही है. स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस बल मौके पर तैनात हैं.
बता दें, दालमंडी इलाका एक ऐतिहासिक मुस्लिम-बहुल बाजार है, जो काशी विश्वनाथ मंदिर से महज 300 मीटर दूर है. यह क्षेत्र की 300 साल पुरानी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है, जहां कभी बनारसी तहजीब, संगीत और व्यापार फला-फूला. यहां की संकरी गलियां दुकानों, घरों और मस्जिदों से भरी हैं, जहां हजारों मुस्लिम परिवार पीढ़ियों से रहते और व्यापार करते आए हैं. हालांकि, सरकार ने अब मंदिर तक जाने वाले रास्ते को चौड़कीकरण करने के नाम पर उजाड़ना शुरू कर दिया है.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दालमंडी की 3.5 मीटर चौड़ी सड़क को 17.5 मीटर चौड़ा करने की योजना है. इलाके में लगभग 90 फीसदी से ज्यादा आबादी मुस्लिम है, इसलिए प्रभावित ज्यादातर भवन (घर और दुकानें) मुस्लिम परिवारों के हैं. बताया जा रहा है कि 190 से ज्यादा घरों को चिन्हित किया गया है. इस कार्रवाई से कड़ाके की ठंड में हजारों परिवारों पर बेघर होने का खतरना मंडराने लगा है.
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