Hindu Organisations Protest: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद हिंदूवादी संगठन लगातार समुदाय विशेष के लोगों को निशाना बना रहे हैं. इस बार हिंदूवादी संगठनों ने एम्स में तैनात एक समुदाय विशेष के डॉक्टर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया. हालांकि, एम्स प्रशासन की जांच में हिंदू संगठन के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई.
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Uttarakhand News Today: पहलगाम में बीते माह 22 अप्रैल को आतंकी हमले के बाद हिंदूवादी संगठनों के निशाने पर समुदाय विशेष के साथ पुलिस, वकील, राजनेता और अब डॉक्टर भी हैं. इस बार एम्स ऋषिकेश में तैनात समुदाय विशेष के एक डॉक्टर के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता भड़क गए हैं.
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता का आरोप है कि पहलगाम में पर्यटकों पर हुए आतंकी हमले के दिन डॉक्टर ने अपने स्टाफ को मिठाई बांटी थी. हिंदूवादी संगठन के नेता लगातार समुदाय विशेष के डॉक्टर को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं. उनकी मांगों की अनदेखी करने पर हिंदू संगठन नाराज हो गए.
इतना ही नहीं विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने सोमवार (5 मई) को एम्स परिसर में घुसने की कोशिश की और इस दौरान मौके पर जमकर बवाल काटा. उन्होंने नारेबाजी करते हुए मौके पर प्रदर्शन करने की कोशिश की. इससे इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को कुछ देर तक परेशानी का सामना करना पड़ा.
हालांकि, बाद में एम्स प्रशासन की शिकायत पर पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं को गेट पर ही रोक दिया. पुलिस के जरिये गेट पर ही रोकने पर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता आग बबूला हो गए. इसके बाद वह गेट के बाहर ही नारेबाजी करते हुए धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
हिंदू संगठनों ने आरोप लगाया कि एम्स प्रशासन समुदाय विशेष के डॉक्टर पर कार्रवाई करने से बच रहा है. हिंदू संगठनों ने डॉक्टर को बर्खास्त नहीं करने पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी है. विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल से जुड़े नरेश उनियाल और राजेंद्र प्रसाद पांडे ने धमकी देते हुए कहा कि देश विरोधी मानसिकता के व्यक्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने कहा कि इसको लेकर जल्दी ही उग्र आंदोलन होगा. उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आने के बाद कुछ दिन पहले प्रशासन से मुलाकात कर उनको घटना की जानकारी दी गई और समुदाय विशेष के डॉक्टर को एम्स से बर्खास्त करने की भी मांग की, लेकिन अभी तक एम्स प्रशासन ने उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया.
हिंदूवादी संगठन के नेताओं ने कहा कि उनकी मांग नहीं मानी गई, इसलिए आज दोबारा एम्स के खिलाफ नारेबाजी और प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित किया गया. उन्होंने कहा कि एम्स प्रशासन ने हिंदू संगठनों को परिसर के अंदर नहीं घुसने दिया, जिसकी वह निंदा करते हैं.
एम्स के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि इस मामले की पुलिस जांच कर रही है. एम्स प्रशासन की जांच में हिंदू संगठनों के जरिये लगाए जा रहे आरोपों की पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है.