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Durg News Today: दीवाली रौशनी और खुशियों का त्योहार है, जो अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का निशानी माना जाता है. इस दिन लोग दीप जलाकर, मिठाइयां बांटकर और अपनों के साथ खुशियां मनाते हैं और सबके समृद्धि की कामना करते हैं. दीवाली की भव्यता और नेक मकसद को देखते हुए अब मिडिल ईस्ट, यूरोप समेत दुनिया के कई कोने में मनाया जाता है.
हालांकि, जब दुनिया में लोग भेदभाव, जाति-मजहब से परे हटकर दीवाली की खुशियां बांट रहे थे, उस वक्त भी भारत में कई हिंदूवादी संगठन नफरत और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने पर तुले हुए थे. इसी तरह की एक घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जो छत्तीसगढ़ की बताई जा रही है. इसमें हिंदूवादी संगठन दूसरे मजहब के लोगों से खरीदारी न करने और उनका बॉयकाट करने की अपील करते हुए दिखाई पड़े.
'सियासत' में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना छत्तीसगढ़ के दुर्ग शहर की है, जब 17 अक्टूबर को विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल ने दिवाली से पहले 'अपना त्योहार, अपना व्यापार' अभियान के तहत रैली निकाली. इस दौरान संगठन के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे दिवाली की खरीदारी सिर्फ हिंदू दुकानदारों से करें. हैरान करने वाली बात यह है कि इस रैली का आयोजन करने वालों पर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है.
इस रैली में शामिल प्रतिभागियों ने हाथों में बैनर और पोस्टर उठाए हुए थे. पोस्टर-बैनर पर विवादित नारे लिखे हुए थे, जिसमें कहा गया था कि "अगर हिंदू हितों को नुकसान पहुंचा, तो सड़कों पर खून बहेगा." इस नारे को लेकर रैली के दौरान माहौल काफी गर्म दिखाई दिया. रैली के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई, जिनमें बड़ी संख्या में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के सदस्य स्थानीय बाजारों की गलियों में मार्च करते दिखाई दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर कई अकाउंट्स ने उन मुस्लिम दुकानदारों की तस्वीरें भी शेयस कीं, जो दीये और पटाखे बेच रहे थे. इन पोस्ट्स में हिंदुओं से अपील की गई कि वे ऐसे दुकानदारों से खरीदारी न करें, क्योंकि वे खुद यह त्योहार नहीं मनाते हैं. अल्पसंख्यक समुदाय के लोग विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल की इस रैली को देखकर सकते में आ गए.