Waqf Amendment Bill 2025: वक्फ संशोधन बिल को लेकर चल सभी कयासआराईयों पर लगाम लगते हुए बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार आज इसे सदन में पेश कर दिया. बीजेपी इस बिल को पास कराने को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त नजर आ रही है. दूसरी तरफ विपक्ष को भी इस बिल को रोकने के ऐड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ रहा है.
Trending Photos
)
Waqf Amendment Bill in Parliament: संसद में आज बुधवार (2 मार्च) वक्फ संशोधन बिल पेश किया गया. इसको लेकर सदन में घमासान मचा हुआ है. सबकी निगाहें इस बिल पर टिकी हैं, देश का एक बड़ा वर्ग इसको लेकर उहापोह की स्थिति में हैं. केंद्र की एनडीए सरकार दोपहर 12 बजे बिल को लोकसभा में पेश किया. ऐसे में सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं क्या इस बिल को पारित करवाने के लिए बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए सरकार के पास जरुरी बहुमत का आंकड़ा है.
वक्फ संशोधन बिल पर आज ही वोटिंग होगी और ये तय माना जा रहा है कि मोदी सरकार अपने तीसरे कार्यकाल के सबसे अहम बिल पर आज जीत हासिल कर सकती है. हैरानी इस बात पर है कि पक्ष और विपक्ष दोनों ओर के मुस्लिम नेता बिल के बारे में अलग-अलग राय रखते हैं. इससे पहले बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक में विपक्ष ने इस बिल पर 12 घंटे चर्चा की मांग की थी, लेकिन सरकार ने इस बिल पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय तय किया है.
वक्फ संशोधन बिल पर गृहमंत्री अमित शाह इंटरवीन करेंगे. बिल पर चर्चा के लिए बीजेपी को लगभग 4 घंटे का समय आवंटित हुआ है. एनडीए को कुल 4.40 मिनट का समय आवंटित हुआ है. बिल इंट्रोड्यूस करते हुए पहले वक्ता के तौर पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मंत्री किरण रिजिजू भाषण की शुरुआत करेंगे.
आइये समझते हैं, इस बिल को सदन में पारित होने और इसकी राह में रुकवाट डालने के लिए कितने सदस्यों के सहमति या असहमति की जरुरत होगी. बता दें, लोकसभा समें 542 सदस्य हैं. सदन में 240 सांसदों के साथ बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी है. बिल पेश होने से पहले एनडीए के घटक दलों में शामिल टीडीपी, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) इस बिल की मुखालिफत करते नजर आए थे. हालांकि बिल पेश होने से पहले इन तीनों दलों ने सदन में सरकार का समर्थन करने का ऐलान किया है.
टीडीपी के 16, जेडीयू के 12 और लोजपा रामविलास की 5 सांसदों को मिलाकर सरकार 272 के आंकड़े को पार कर जाती है. फिलहाल एनडीए के सदन में कुल 293 सदस्य हैं. इसके आजाद समाज पार्टी के प्रमुख और नगीना सांसद चंद्रशेखर, शिरोमणि अकाली दल और हरसिमरत कौर बादल जैसे कई सांसद दोनों गठबंधनों नें शामिल नहीं हैं. इसके अलावा कई निर्दलीय सांसद ऐसे भी जो किसी का समर्थन करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं.
इसके उलट विपक्ष के पास सिर्फ 233 सांसद हैं. हालांकि कांग्रेस, आरजेडी समेत अन्य विपक्षी दलों ने बिल पेश होने से पहले सदस्यों को व्हिप जारी किया है. टीडीपी, जेडीयू और लोजपा (रामविलास) के सरकार के समर्थन में वोट करने की अपील ने बिल के सदन में रुकने की कम ही उम्मीद नजर आ रही है. समाजवादी पार्टी ने बिल पारित होने पर सड़क से लेकर संसद विरोध करने की चेतावनी दी है.जबकि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने भी बीजेपी गठबंधन में शामिल सेक्यूलर दलों के साथ अन्य सदस्यों से इस बिल का विरोध करने और इसे पारित होने से रोकने की अपील की है.