Waqf Amendment Bill passed: वक्फ अमेंडमेंट बिल लोकसभा से पास हो गया है. इस बिल को भारी विरोध का सामना करना पड़ा. अपोजीशन ने इस मुसलमानों के खिलाफ बताया. पूरी खबर पढ़ें.
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Waqf Amendment Bill passed: वक्फ अमेंडमेंट बिल एक लंबी डिबेट के बाद लोकसभा से पास हो गया है. इस बिल का अपोज़ीशन जमकर विरोध करता आ रहा था. अपोज़ीशन पार्टियों का कहना था कि इस बिल के आने से सरकार वक्फ पर मनमाने तरीके से राज करेगी. वहीं सरकार का कहना था कि इस बिल से वक्फ में हो रही धांधली को खत्म किया जा सकेगा. वक्फ अमेंडमेंट बिल पास होने के बाद इस पर मिले जुले रिएक्शन सामने आ रहे हैं.
वक्फ अमेंडमेंट बिल पास होने के बाद ऑल इंडिया सूफी सज्जादानशीन काउंसिल के अध्यक्ष सैयद नसरुद्दीन चिश्ती ने कहा, "यह भारत के लोकतंत्र की जीत है और यह विधेयक बहुत ही लोकतांत्रिक तरीके से लाया गया और चर्चा के बाद विधेयक पारित किया गया है...पीएम मोदी ने हमेशा 'सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास' की बात की है.
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा, "इससे बुरा कानून इस देश में मुसलमानों के लिए कभी नहीं बना. संविधान की अनदेखी करके यह विधेयक पारित किया गया है. इस बिल को लेकर देश में बहुत गंभीर सवाल उठेंगे."
टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा कहती हैं, "यहां केवल पचास वोटों का अंतर है और आप समझ सकते हैं कि यह बिल कितना अलोकप्रिय और जनादेश के खिलाफ है. यह केवल पार्टी व्हिप और दो सहयोगियों की वजह से है कि वे मुश्किल से इसे पारित कराने में कामयाब रहे हैं. यह भारत के धर्मनिरपेक्ष लोकतंत्र में एक बहुत ही काला दिन है, जहां सरकार एक ऐसा बिल लेकर आई है जो अनुचित है और मौलिक अधिकारों के खिलाफ है. ये संशोधन मुस्लिम समुदाय पर बहुत बुरा असर डाल रहे हैं."
वक्फ बिल के पास होने पर कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा, "बिल बहुत कम अंतर से पारित हुआ और केवल 56 वोटों का अंतर था...हमने वे सभी बिंदु रखे जो भारत के लोग चाहते थे कि हम रखें. हम नतीजों से नाखुश हैं...हम संविधान की रक्षा और अल्पसंख्यक संस्थानों के अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे."
वहीं, समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा, "हमने बिल का विरोध किया. जनता इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेगी. अगर आप किसी खास समुदाय को निशाना बनाएंगे तो देश का विकास नहीं होगा. जनता एनडीए के सहयोगियों को माफ नहीं करेगी, चाहे वो बिहार से हों या आंध्र प्रदेश से या कहीं और से...हम राज्यसभा में भी बिल का विरोध करेंगे और बिल के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे. हम सड़कों पर भी उतरेंगे और अदालत का भी दरवाजा खटखटाएंगे..."
कांग्रेस सांसद और जेपीसी सदस्य इमरान मसूद ने कहा, "यह एक काला दिन है. यह हमारे अधिकारों पर हमला है. मुस्लिम समुदाय और वक्फ दोनों इससे पीड़ित होने जा रहे हैं. यह दिन इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज किया जाएगा. हम अदालत जाएंगे और इस बिल के खिलाफ लड़ेंगे..."