Waqf Bill Passed: वक्फ अमेंडमेंट बिल पार्लियामेंट से पास हो गया है. इससे पहले इसका जमकर विरोध हुआ है. एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने बिल की कॉपी पार्लियामेंट में फाड़ दी.
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Waqf Bill Passed: बुधवार को भारी विरोध के बीच लोकसभा से वक्फ अमेंडमेंट बिल पास हो गया है. इस दौरान सांसद असदुद्दीन ओवैसी और भाजपा के जगदम्बिका पाल के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिलली. दरअसल ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान बिल की एक कॉपी को फाड़ दिया. जिसका विरोध जगदम्बिका पाल ने किया.
ओवैसी ने अपने भाषण के दौरान महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास का उदाहरण दिया और दावा किया कि यह विधेयक "असंवैधानिक" है. उन्होंने कहा,"यह बिल मुसलमानों पर हमला है. मोदी सरकार ने मेरी आज़ादी पर जंग छेड़ दी है. मेरी मस्जिदें, मेरी दरगाहें, मेरे मदरसे निशाने पर हैं. यह सरकार सच नहीं बता रही है. यह बिल अनुच्छेद 14- समान संरक्षण का उल्लंघन करता है. सीमाएं लगाई जाएंगी. ऐसा करने से अतिक्रमणकारी मालिक बन जाएगा और एक गैर-मुस्लिम वक्फ बोर्ड का प्रशासन करेगा. यह बिल समानता के कानून का भी उल्लंघन करता है."
उन्होंने आगे कहा,"अगर आप इतिहास पढ़ेंगे तो पाएंगे कि उन्होंने (महात्मा गांधी ने) श्वेत दक्षिण अफ्रीका के कानूनों के बारे में कहा था, 'मेरी अंतरात्मा इसे कबूल नहीं करती' और उन्होंने इसे फाड़ दिया. गांधी की तरह मैं भी इस कानून को फाड़ रहा हूं. यह असंवैधानिक है. भाजपा इस देश में मंदिर और मस्जिद के नाम पर विभाजन पैदा करना चाहती है. मैं इसकी निंदा करता हूं और आपसे 10 संशोधनों को स्वीकार करने का अनुरोध करता हूं."
भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति के प्रमुख जगदम्बिका पाल ने ओवैसी की आलोचना की और उन पर बिल को फाड़कर 'असंवैधानिक काम' करने का आरोप लगाया. पाल ने कहा,"मैं सरकार और सभी मेंबर्स को धन्यवाद देना चाहता हूं क्योंकि यह पहली बार है कि सरकार ने जेपीसी की सभी सिफ़ारिशें स्वीकार की हैं. यह कोई साधारण बात नहीं है."
उन्होंने कहा, "असदुद्दीन ओवैसी बिल को असंवैधानिक कहते हैं, लेकिन उन्होंने बिल को फाड़कर असंवैधानिक काम किया है... मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि उन्होंने बिल को क्यों फाड़ा?" इसके साथ ही अमित शाह ने भी ओवैसी की इस हरकत का विरोध किया. शाह ने कहा, "एक सदस्य ने तो यहां तक कहा कि अल्पसंख्यक इसे स्वीकार नहीं करेंगे. आप किसे डराने की कोशिश कर रहे हैं? यह संसद का कानून है, हर कोई इसका पालन करेगा और इसे स्वीकार करेगा.