Waqf Law: वक्फ कानून को लेकर लगातार विरोध जारी है. अब हुर्रियत कांफ्रेंस के चीफ मीरवाइज उमर फारूक ने इस मामले को लेकर असेंबली स्पीकर की आलोचना की है. पूरी खबर पढ़ें.
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Waqf Law: हुर्रियत कांफ्रेंस के चीफ मीरवाइज उमर फारूक ने सोमवार को वक्फ मुद्दे पर असेंबली सेशन को खारिज की पेशकश रिजेक्ट करने के लिए जम्मू-कश्मीर विधानसभा स्पीकर की तनकीद (आलोचना) की है. उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए स्पीकर पर निशाना साधा है.
उमर फारूक ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा,"यह हसने वाली और निंदनीय है कि तमिलनाडु, जहां मात्र 6% मुस्लिम आबादी है, उन्होंने अपनी विधानसभा में वक्फ विरोधी एक मजबूत प्रस्ताव पारित किया, जबकि मुस्लिम बहुल जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष तकनीकी पहलुओं की आड़ में राज्य के मुसलमानों के लिए इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने से इनकार कर रहे हैं."
बता दें, स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने स्थगन प्रस्ताव को खारिज करते हुए कहा था कि मामला अदालत में है. मीरवाइज ने कहा कि लोगों के हितों की हिफात के लिए विधानसभा चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को भारी जनादेश मिला है.
It is ridiculous and condemnable that Tamil Nadu which only has 6% Muslim population, passes a strong anti Wakf resolution in it’s assembly,while the Muslim majority J&K assembly speaker is struggling and refusing , by hiding behind technicalities,to discuss this deeply…
— Mirwaiz Umar Farooq (@MirwaizKashmir) April 7, 2025
उन्होंने पूछा,"चीफ को पता होगा कि उनकी पार्टी को दिया गया मजबूत जनादेश ठीक इसी वजह से था कि पार्टी ने अगस्त 2019 से कुचले जा रहे लोगों के हितों की हिफाजत करने और अहम मामलों में उनके लिए खड़े होने का वादा किया था. वह इतने आराम से क्यों झुक रहे हैं?"
पिछले हफ़्ते संसद ने वक्फ (संशोधन) बिल को पारित किया था. इस बिल का मकसद वक्फ प्रोपर्टीज के मैनेजमेंट को सुव्यवस्थित करना है. इसका मकसद प्रोपर्टी के मैनेजमेंट को ट्रांसपेरेंट बनाना है. हालांकि इस बिल की बारीकियों को पकड़ते हुए अपोजीशन इसका विरोध करता आया है.