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Waqf Portal Rule: केंद्र सरकार ने 'यूनिफाइड वक्फ मैनेजमेंट, एम्पावरमेंट, एफिशिएंसी और डेवलपमेंट रूल्स, 2025' को नोटिफाई किया है. ये नियम वक्फ प्रोपर्टीज के पोर्टल और डाटाबेस, उनके रजिस्ट्रेश के प्रोसेस, ऑडिट और खातों के रखरखाव जैसे मामलों से जुड़े हैं.
ये नियम 1995 के वक्फ अधिनियम की धारा 108B के तहत बनाए गए हैं, जो वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के जरिए जोड़ी गई थी और 8 अप्रैल 2025 से लागू हुई है. माना जा रहा है कि ये वक्फ की पारदर्शिता, बेहतर प्रबंधन और विवादों के समाधान में मदद करेंगे.
1- एक पोर्टल और डाटाबेस बनाया गया है जिसमें वक्फ से जुड़ी सभी जानकारी दर्ज की जाएगी. इसमें वक्फ की लिस्ट, नए वक्फ का रजिस्ट्रेश, वक्फ रजिस्टर का रखरखाव, मुतवल्ली (प्रबंधक) के खातों की जानकारी, ऑडिट रिपोर्ट और बोर्ड के आदेश शामिल होंगे.
2- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय में वक्फ डिवीजन के प्रभारी भारत सरकार के संयुक्त सचिव इस पोर्टल और डाटाबेस की निगरानी और कंट्रोल के लिए जिम्मेदार होंगे.
3- पोर्टल में वक्फ संपत्तियों की निगरानी, अदालत में चल रहे मामले, विवादों का समाधान और अन्य जरूरी जानकारी शामिल रहेंगी.
4- हर राज्य सरकार को एक संयुक्त सचिव रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करना होगा और एक सेंट्रल सपोर्ट यूनिट बनानी होगी. इस यूनिट का काम केंद्र सरकार के सहयोग से वक्फ की जानकारी अपलोड करना, रजिस्ट्रेश, खातों के रखरखाव, ऑडिट और दूसरी एक्टिविटीज करने में मदद करना है.
5- पोर्टल में रियल-टाइम मॉनिटरिंग, नए वक्फ रजिस्ट्रेश, शासन व्यवस्था, विवाद समाधान, वित्तीय निगरानी, सर्वे और विकास से जुड़ी जानकारी शामिल रहेगी.
6- हर मुतवल्ली (वक्फ संपत्ति का प्रबंधक) को पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज कर OTP से रजिस्ट्रेशन करना होगा. इसके बाद वे लॉगिन कर अपनी वक्फ संपत्ति की जानकारी अपलोड कर सकेंगे.
7- पोर्टल को सभी संबंधित अधिकारी जैसे वक्फ बोर्ड, कलेक्टर, धारा 3C के तहत अधिकारी, केंद्र और राज्य सरकार के अधिकारी उपयोग कर सकेंगे.
8- सेंट्रल वक्फ काउंसिल को भी पोर्टल पर अपलोड की गई सभी जानकारी देखने की इजाजत होगी.