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West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में हिंसा की लहर जारी है. कथित हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने मुस्लिम-बहुल इलाकों में बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की है. APCR में दावा किया गया है कि चुनाव नतीजों के बाद राज्य के कई जिलों में मुस्लिम समुदाय, मस्जिदों, मीट की दुकानों और मुस्लिम घरों को निशाना बनाया गया.
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य में कम से कम 34 हिंसक घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें मस्जिदों पर हमले, मुस्लिम परिवारों के घरों में तोड़फोड़, मीट की दुकानों को नुकसान पहुंचाना और धार्मिक तनाव फैलाने की घटनाएं शामिल हैं. APCR का दावा है कि उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, मुर्शिदाबाद और कोलकाता समेत कई जिलों में घटनाएं सामने आईं. रिपोर्ट में कहा गया कि कुछ इलाकों में धार्मिक जुलूसों के दौरान मस्जिदों पर हमला किया गया और धमकी भरे नारे लगाए गए.
हिजाब पहनने से रोका गया?
रिपोर्ट के मुताबिक, हसनाबाद और बारासात जैसे इलाकों में मुस्लिमों के होटल और मीट की दुकानों को निशाना बनाया गया. कुछ गांवों में मुस्लिम परिवारों के घरों में तोड़फोड़ की भी बात कही गई है. APCR ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया कि कई घटनाओं में गैर-शाकाहारी भोजन और मीट व्यापार से जुड़े लोगों को खास तौर पर निशाना बनाया गया. दक्षिण 24 परगना में कथित तौर पर जानवरों के बाजार बंद कराने और मीट कारोबार प्रभावित करने की कोशिशों का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि कुछ जगहों पर मुस्लिम महिलाओं को हिजाब पहनने से रोका गया और धार्मिक पहचान के आधार पर दबाव बनाने की कोशिश हुई.
रिपोर्ट में किया गया चौंकाने वाला दावा
इसके अलावा कुछ सड़कों और इलाकों के नाम बदलने की कोशिशों का भी जिक्र किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ जगहों पर मुस्लिम नामों को हटाकर हिंदू नाम रखने की मांग या कोशिश की गई. APCR ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं में बड़ी संख्या में लोगों को आर्थिक और सामाजिक नुकसान पहुंचा. रिपोर्ट के मुताबिक, कई मुस्लिम परिवारों के व्यवसाय प्रभावित हुए और लोगों में डर का माहौल बन गया. रिपोर्ट में कहा गया है कि हिंसा और तोड़फोड़ की घटनाओं में संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करने के कई मामले सामने आए.