Illegal infiltration from Bangladesh Border: पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में बीएसएफ ने एक वरिष्ठ बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी को अवैध भारत प्रवेश के प्रयास के दौरान गिरफ्तार किया. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और जांच जारी है कि वह अकेला था या किसी नेटवर्क का हिस्सा है.
Trending Photos
)
West Bengal News Today: भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा के कड़े पहरे के बीच शनिवार (23 अगस्त) शाम को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के हकीमपुर बॉर्डर आउटपोस्ट के पास बीएसएफ ने एक वरिष्ठ बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी को अवैध रूप से भारत में घुसते हुए पकड़ लिया. इस घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं.
मिली जानकारी के मुताबिक, बीएसएफ के जवान सामान्य गश्त के दौरान आरोपी अधिकारी को पकड़ने में सफल रहे. जब उसकी तलाशी ली गई तो उसके पास से कई पहचान पत्र बरामद हुए, जिनसे यह पुष्टि हुई कि वह बांग्लादेश पुलिस का एक सीनियर अधिकारी है. बीएसएफ ने आरोपी को तुरंत हिरासत में लेकर आगे की पूछताछ के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस के हवाले कर दिया.
आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि यह एक बहुत ही दुर्लभ घटना है जब कोई बांग्लादेशी पुलिस अधिकारी अवैध तरीके से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करता हुआ पकड़ा गया है. भारत-बांग्लादेश सीमा 4,096 किलोमीटर लंबी है, जो विश्व की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमाओं में से एक है. इसमें से लगभग 2,217 किलोमीटर पश्चिम बंगाल में आती है, जो सुरक्षा एजेंसियों के लिए बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है.
नॉर्थ 24 परगना जिला विशेष रूप से संवेदनशील है क्योंकि यहां घनी आबादी, नदी-नाले और शहरी केंद्रों के निकटता के कारण अनेक खतरों के लिए खुला मैदान रहता है। अधिकारियों का कहना है कि यह इलाका तस्करों, दलालों और कभी-कभी संगठित गिरोहों द्वारा अवैध रूप से सीमा पार करने के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता रहा है।
बीएसएफ भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात है और यह अवैध प्रवासन, तस्करी, मवेशी तस्करी, मादक पदार्थों और नकली मुद्रा की तस्करी को रोकने में अहम भूमिका निभाता है. बीते सालों में इस क्षेत्र में आधुनिक निगरानी तकनीक, बाड़ेबंदी परियोजनाएं और गश्त को बढ़ाया गया है ताकि सीमा की सुरक्षा कड़ी की जा सके.
अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल जांच जारी है कि अधिकारी भारत में किस मकसद से आया था, क्या वह अकेले ही काम कर रहा था या किसी समूह या नेटवर्क का हिस्सा था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ऐसी घटनाएं लगातार सतर्क रहने पर जोर देती हैं. इसी के मद्देनजर इंडो-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य पुलिस और खुफिया एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया जा रहा है.
ये भी पढ़ें: सकीना के बाद साहिल बना हिंदू संगठनों का निशाना; दुकान से नाम हटाने की मिली धमकी!