)
West Bengal News Today: पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को दहशत का माहौल है. लगातार सामने आ रही मौत, लापता होने और आत्महत्या की कोशिश की घटनाओं ने आम लोगों को और ज्यादा परेशानी में डाल दिया है. कई परिवारों का कहना है कि सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद लोग डर और तनाव की वजह से बीमार पड़ रहे हैं और मानसिक दबाव झेल रहे हैं.
इसी तरह का एक मामला पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना के दत्ता पोखर से सामने आया है, जहां एक बुजुर्ग शख्स SIR इतने ज्यादा खौफजदा हो गए कि उनकी मौत हो गई. मिली जानकारी के मुताबिक, चानोरी इलाके के रहने वाले बुजुर्ग जिया अली सभी दस्तावेज सही होने के बावजूद डर और तनाव में थे. उन्हें यह आशंका थी कि कहीं उन्हें 'बांग्लादेश न भेज दिया जाए.' परिवार का दावा है कि इसी डर से वह बीमार पड़ गए और उन्हें हार्ट अटैक आया. वे दो दिनों से अस्पताल में इलाज करा रहे थे और कल उनकी मौत हो गई.
पीड़ित परिवार के मुताबिक, जिया अली का नाम 2002 की वोटर लिस्ट में दर्ज था और एन्यूमरेशन फॉर्म भी मिल चुका था. इसके बावजूद वे अपने बेटे से बार-बार पूछते थे कि क्या उन्हें बांग्लादेश भेज दिया जाएगा. पहले उन्हें बारासात मेडिकल अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर NRS मेडिकल कॉलेज, कोलकाता ले जाया गया. जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेताओं ने परिवार से मुलाकात कर हर संभव मदद का भरोसा दिलाया.
SIR के डर से छोड़ा घर
दूसरी घटना दक्षिण दमदम नगरपालिका के वार्ड 9, आरएन गुहा रोड की है. यहां के रहने वाले वैद्यानाथ हाजरा, SIR के डर से रात के अंधेरे में घर छोड़कर कहीं चले गए. परिवार का कहना है कि वे कई दिनों से तनाव में थे क्योंकि उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में नहीं है. हालांकि, वर्तमान वोटर लिस्ट में दर्ज है. माता-पिता के मौत की वजह से उनका वोटर कार्ड भी उपलब्ध नहीं हैं. घर से निकलने का CCTV फुटेज भी सामने आया है.
मशरिक में छफी रिपोर्ट के मुताबिक, वैद्यानाथ हाजरा अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गए हैं. इस घटना से उनके परिजन और बीवी जयंती हाजरा बेहद परेशान हैं. परिवार ने गुमशुदा होने की एफआईआर दर्ज कराई है. वैद्यानाथ पेशे से ड्राइवर हैं. उनके मित्र राजू साहा ने बताया कि उन्होंने कई बार वैद्यनाथ को समझाया था कि चिंता की कोई बात नहीं है, लेकिन वे फिर भी डर में थे.
बिजनेसमैन ने की आत्महत्या की कोशिश
तीसरी घटना देशबंधु नगर (विद्यानगर म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन, वार्ड 9) की है. जहां सुकुमार घोष (45) ने कथित रूप से SIR के डर की वजह से आत्महत्या की कोशिश की. वह बिजनेसमैन हैं और फिलहाल गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती हैं. हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि उनका नाम 2002 की वोटर लिस्ट में है या नहीं. दोनों जिलों से सामने आई इन घटनाओं ने स्थानीय लोगों में और अधिक दहशत पैदा कर दी है. परिवारों का कहना है कि SIR को लेकर कई सवाल और भ्रम बने हुए हैं, जिसकी वजह से लोग तनाव में हैं.